कोरोना से जंग: 90 वर्षीय महिला ने दी 3 महीने की पेंशन, 4 साल की बच्ची ने गुल्लक से दिए 5 हजार

90 वर्षीय बुजुर्ग देवबती साहू ने अपनी 3 माह के पेंशन की राशि ग्राम के पंच सुकालू फुटान को देश के प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए भेंट की है.
90 वर्षीय बुजुर्ग देवबती साहू ने अपनी 3 माह के पेंशन की राशि ग्राम के पंच सुकालू फुटान को देश के प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए भेंट की है.

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में विकासखंड गुरूर के अंतर्गत रायपुर-बस्तर रोड पर स्थित गांव चिटौद में कोरोना से जंग में अनुकरणीय पहल नजर आई है.

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बालोद. आज पूरा विश्व समान रूप से कोरोना वायरस (Coronavirus) की चुनौती का सामना कर रहा है. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बालोद जिले में विकासखंड गुरूर के अंतर्गत रायपुर-बस्तर रोड पर स्थित गांव चिटौद में कोरोना से जंग में अनुकरणीय पहल नजर आई है. ग्राम पंचायत चिटौद के सचिव मनोज कुमार साहू ने जानकारी दी है कि करीब 3 हजार की आबादी वाले इस गांव में भी वर्तमान संकट के बीच मदद के लिए हाथ बढ़ रहे हैं.

गांव की 90 वर्षीय बुजुर्ग देवबती साहू ने अपनी 3 महीने की पेंशन राशि ग्राम के पंच सुकालू फुटान को देश के प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए भेंट की है. उन्होंने अपने जीवन-निर्वाह की आवश्यकताओं को सीमित करते हुए जनकल्याण के लिए आगे बढ़ने की राह दिखाई है. इस दान के बाद ये गांव के अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं.

बच्ची ने भी किया दान
गांव की ही नन्ही बालिका काजल साहू ने भी अपने गुल्लक में जमा राशि कुल 5000 रुपए देश की सेवा में समर्पित किए हैं. इसके अलावा चिटौद गांव की सरहदी सीमा पर कोल्ड स्टोरेज का व्यवसाय संचालित कर रहे सलीम रोकड़िया पिता महाजित रोकड़िया धमतरी ने भी कामकाज बंद होने की स्थिति के बावजूद नेकदिली का उदाहरण पेश किया है. उन्होंने चिटौद के अपने कर्मचारी परिवारों रेवती, कोमिन, केशर, सुनीता, निर्मला व अन्य को खाद्यान्न व अन्य किराना सामग्री की मदद पहुंचाई है.
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