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बालोद: भाई ने सगी बहन से कई बार किया रेप, मरा बच्चा पैदा हुआ तो दफनाया, कोर्ट ने दी 10 साल की कड़ी सजा

बालोद: भाई ने सगी बहन से कई बार किया रेप, मरा बच्चा पैदा हुआ तो दफनाया, कोर्ट ने दी 10 साल की कड़ी सजा

कोर्ट ने दोषी को 10 साल की सजा दी है. सांकेतिक फोटो.

कोर्ट ने दोषी को 10 साल की सजा दी है. सांकेतिक फोटो.

Chhattisgarh News: बालोद (Balod) जिले की गुंडरदही पुलिस (Police) ने मृत नवजात के डीएनए टेस्ट (DNA Test) की रिपोर्ट के बाद दुष्कर्म (Rape) के मामले में केस दर्ज किया था. पीड़िता ने पहले पुलिस को रेप की झूठी कहानी बताई थी.

बालोद. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बालोद (Balod) जिले में दुष्कर्म (Rape) के एक दोषी को न्यायालय (Court) ने 10 साल की कड़ी सजा दी है. दोषी युवक ने अपनी ही छोटी सगी बहन (Sister) को रेप का शिकार बनाया था. दोषी ने एक या दो बार नहीं बल्की कई बार अपनी बहन से शारीरिक संबंध बनाए. भाई की ओर से बार-बार किये गये रेप की वजह से बहन जब गर्भवती हो गई तो युवक ने उसे डरा-धमकाकर चुप करा दिया. पीड़िता को मरा बच्चा पैदा हुआ तो आरोपी ने बगैर पुलिस को सूचना दिए ही उसे दफना दिया. नवंबर 2016 के इस मामले में बालोद जिला विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) मुकेश कुमार पात्रो की कोर्ट ने बीते 29 सितंबर को निर्णय दिया है.

कोर्ट ने अपराध क्रमांक 108/2016 के मामले में दोषी को 10 साल जेल की सजा के साथ ही 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा भी सुनाई है. वारदात के वक्त आरोपी की उम्र 19 वर्ष थी. पीड़िता बहन नाबालिग थी. प्रकरण के मुताबिक जब घर में मां-पिता नहीं होते थे तो आरोपी खेलने के बहाने अपनी बहन को पिता के कमरे में ले जाता और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता. कई बार शारीरिक संबंध बनने के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई. फिर प्रसव पीड़ा होने पर नाबालिग को गुंडरदेही के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने मृत बच्चे को जन्म दिया. मामला अस्पताल में जाने के बाद पुलिस को भी सूचना दी गई. इधर दोषी भाई ने बच्चे को दफना दिया.

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पहले पुलिस को बताई झूठी कहानी
सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता से बयान लिया तो उसने बताया कि वो किसी कार्य से खेत खलिहान गई थी. इसी दौरान एक अज्ञात शख्स मुंह पर कपड़ा बांधकर आया और उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया, जिससे उसका मासिक धर्म रूक गया. पुलिस को बयान पर शक हुआ तो उसने मृत नवजात के शव को कब्र से बाहर निकाला और डीएनए टेस्ट करवाया तब सही जानकारी पुलिस को मिली. इसके बाद बहन ने अपने बयान में बताया कि भाई की डर और लोकलाज के कारण उसने पहले गलत जानकारी पुलिस को दी थी. उसने अपने मां-पिता को भी भाई की करतूत नहीं बताई थी. इस मामले में गवाहों व तमाम पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने धारा 376, 506 व पोक्सो एक्ट की धारा 5 (ढ) 6 के तहत निर्णय दिया है.

Tags: Chhattisgarh news, Court, Girl rape

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