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छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव: बालोद के वो वार्ड, जहां कोई नहीं लेता चुनाव में हिस्सा, बताते हैं ये वजह

Santosh Kumar Sahu | News18 Chhattisgarh
Updated: December 19, 2019, 10:48 AM IST
छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव: बालोद के वो वार्ड, जहां कोई नहीं लेता चुनाव में हिस्सा, बताते हैं ये वजह
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया चल रही है.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नगरीय निकाय चुनाव के तहत 21 दिसंबर को वोटिंग और 24 दिसंबर को रिजल्ट घोषित होने हैं.

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बालोद. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बालोद (Balod) जिले के चिखलाकसा नगर पंचायत के अंतर्गत आने वाले तीन वार्डों में पिछले कई सालों से पार्षद नहीं है. इस वार्ड के निवासी चुनाव (Election) का विरोध करते हैं. इसलिए यहां से कोई चुनाव में वोट (Vote) डालना तो दूर कोई चुनाव लड़ता तक नहीं है. इस बार भी यही हाल है. नगरीय निकाय चुनाव (Chhattisgarh Urban Body Election) के लिए इस बार भी तीनों वार्डों से कोई भी पार्षद प्रत्याशी नहीं है. इन वार्डों के निवासी अपनी अलग ही मांग को लेकर इस तरह का विरोध कर रहे हैं.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नगरीय निकाय चुनाव के तहत 21 दिसंबर को वोटिंग और 24 दिसंबर को रिजल्ट घोषित होने हैं. चुनाव के लिए प्रचार प्रसार गुरुवार को थम जाएगा. बालोद जिले के चिखलाकसा नगर पंचायत में आने वाले वार्ड क्रमांक 1, 14 ,और 15 में नगर पंचायत बनने के बाद से अब तक कोई भी पार्षद प्रत्याशी खड़ा नहीं हुआ. पिछले कई सालों से यह वार्ड पार्षद विहीन है.

Chhattisgarh
बालोद के कारूटोला गांव में नगरीय निकाय चुनाव का विरोध.


इसलिए कर रहे विरोध

वार्ड क्रमांक 1, 14 और 15 के नागरिक अब भी ग्राम पंचायत में रहने के लिए अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं, मगर आज तक कई सरकारें आई और चली गईं, लेकिन इनकी फरियाद पूरी नहीं हुई. बालोद जिले के डौंडी नगर पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम उकारी के वार्ड 14 और 15 में लोग अब से पहले ग्राम पंचायत में रहने के लिए पार्षद तो खड़े करवाते हैं, लेकिन जीतने के बाद तुरंत इस्तीफा भी दिलावा कर विरोध जताते हैं, लेकिन जिले के चिखलाकसा नगर पंचायत के लोगो का विरोध करने का दूसरा ही तरीका है. यहां लोग पार्षद प्रत्याशी खड़े ही नहीं करवाते. नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 1 , 14 और 15 के गांव कारुटोला, भोयरटोला ओर कुंजामटोला को 2005 में वार्ड में तब्दील कर दिया गया, लेकिन आज तक ग्रामीणों ने पार्षद प्रत्याशी ही नहीं खड़े करवाया, जिस वजह से सालों से यह वार्ड पार्षद विहीन है.

मूलभूत सुविधाओं का आभाव
ग्रामीण सोन सिंह, संतोष कुमार और भोला राम का कहना है कि चिखलाकसा नगर पंचायत के इन तीनों वार्डों के गांव की तस्वीर आज भी नहीं बदली है. मूलभूत सुविधा के लिए यहां के लोग आज भी तरस रहे हैं. लोगों का मानना है कि जब से नगर पंचायत में इन गांवों को जोड़ा गया है. तब से इन गांवों की स्थिति बद से बदतर हो गई है. मनरेगा सहित रोजगार के साधन भी नहीं मिल पा रहे हैं. इस वजह से यहां के ग्रामीण चुनाव में विरोध प्रदर्शन करते हैं और पार्षद प्रत्याशी खड़े भी नहीं करवाते हैं. लोगों की मानें तो नगर पंचायत के कारण ग्रामीणों में टैक्स का भार भी बढ़ गया है. यही वजह है कि ये वार्ड पार्षद विहीन है. पूरे मामले में जब क्षेत्र की विधायक और वर्तमान सरकार की महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया का कहना है कि पहले नगर पंचायत बनाने के लिए जनसंख्या की कमी थी, जिस वजह से इन ग्रामों को जोड़ा गया था, लेकिन अब इन ग्रामों को वापस ग्राम पंचायत में जोड़ने का प्रयाश किया जाएगा.ये भी पढ़ें:
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First published: December 19, 2019, 10:57 AM IST
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