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बालोद में 'मौत का लाल पानी' के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे किसान, उग्र आंदोलन की तैयारी
Balod News in Hindi

Santosh Kumar Sahu | News18 Chhattisgarh
Updated: January 22, 2020, 12:18 PM IST
बालोद में 'मौत का लाल पानी' के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे किसान, उग्र आंदोलन की तैयारी
माइंस के लाल पानी की वजह से किसानों की फसलें खराब हो रही हैं.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बालोद (Balod) जिले के दल्ली राजहरा और महामाया माइंस क्षेत्र में लाल पानी से प्रभावित किसान पिछले 14 दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं.

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बालोद. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बालोद (Balod) जिले के दल्ली राजहरा और महामाया माइंस क्षेत्र में लाल पानी से प्रभावित किसान पिछले 14 दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं. किसानों (Farmers) का आरोप है कि माइंस के लाल पानी की वजह से न सिर्फ उनकी फसलें खराब हो रही हैं. बल्कि गांवों में लोगों की असमायिक मौत का कारण भी इसे ही माना जा रहा है. आमरण अनशन को लेकर जिला प्रशासन की पहल के बाद भिलाई स्टील प्लांट माइंस प्रबंधन और ग्रामीणों के प्रतिनिधी मंडल के साथ त्रिपक्षीय बैठक भी हुई, लेकिन बात नहीं बनी.

बालोद (Balod) में ग्रामीण किसान व जन मुक्ति मोर्चा अपनी पुराने मांगो के साथ बुधवार को भी अनवरत आमरण अनशन में डटे हुए हैं. अब क्षेत्र के किसान और ग्रामीण के साथ जन मुक्ति मोर्चा उग्र आंदोलन की तैयारी में है. सरकार और सिस्टम से हार कर किसान अगर उग्र आंदोलन करने लग जाएं तो सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही नजर आने लगती हैं. कुछ ऐसा ही हो रहा है बालोद जिले के दल्ली राजहरा और महामाया माइंस से लगे ग्रामीणों के साथ ही आदिवासी अंचल और पांचवीं अनुसूची में आने वाले यहां के किसान पिछले कई सालों से लाल पानी की समस्या से परेशान हैं.

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दल्ली राजहरा में माइंस से निकलने वाला लाल पानी किसानों के लिए परेशानी का कारण है.


ये है परेशानी

जन मुक्ति मोर्चा के हरजीत कुमार का कहना है कि माइंस से निकलने वाला लाल पानी व फाईंस (कच्चे लोहे के कण) किसानों के खेतों में फसलों को तो नुकसान पहुंचाता ही है. वहीं इनके जीवन को भी बर्बाद करके रखा हुआ है. किसानों की मांग है कि प्रभावित क्षेत्र के लोगों को माइंस में बीएसपी प्रबंधन रोजगार दे. जिस बात को लेकर कई बार जिला प्रशासन के साथ में माइंस प्रबंधन और किसानों की त्रिपक्षीय बैठक भी हो चुकी है, लेकिन बैठक के बाद भी प्रबंधन ने अब तक मांगों को पूरा नहीं किया है. इस बार किसान मजबूर होकर आमरण अनशन में बैठ चुके हैं.

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दल्ली राजहरा में आमरण अनशन पर बैठे किसान व अन्य प्रदर्शनकारी.


मंत्री ने की चर्चाक्षेत्र की विधायक और राज्य सरकार में मंत्री अनिला भेड़िया ने भी इस मामले में बीएसपी प्रबंधन से चर्चा की और कहा कि क्षेत्र के प्रभावित किसानों को रोजगार दें. कलेक्टर रानू साहू का भी कहना है कि हर बार इस बात को लेकर बीएसपी प्रबंधन और माइंस को बोला जाता है, लेकिन उनके द्वारा अब तक कोई पहल नहीं की जा रही है.

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First published: January 22, 2020, 12:18 PM IST
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