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कर्जमाफी में बड़ा फर्जीवाड़ा, किसान का 21 हजार रुपये माफ कर दिया सवा लाख का सर्टिफिकेट!

Santosh Kumar Sahu | News18 Chhattisgarh
Updated: November 21, 2019, 1:38 PM IST
कर्जमाफी में बड़ा फर्जीवाड़ा, किसान का 21 हजार रुपये माफ कर दिया सवा लाख का सर्टिफिकेट!
बालोद में कुछ किसानों को कर्ज से कई गुना अधिक तो कई किसानों को बिना ऋण लिए ही लाखों रुपयों ऋण माफी प्रमाण पत्र दे दिया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार के कर्जमाफी (Debt Forgiveness) मामले में बालोद (Balod) जिले में बड़ा फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है.

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बालोद. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार के कर्जमाफी (Debt Forgiveness) मामले में बालोद (Balod) जिले में बड़ा फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है. कुछ किसानों (Farmer) को कर्ज से कई गुना अधिक तो कई किसानों को बिना ऋण लिए ही लाखों रुपयों ऋण माफी प्रमाण पत्र दे दिया गया है. किसानों ने ऋण माफी में फर्जीवाड़े (Forgery) का आरोप लगाते हुए एसडीएम, कलेक्टर समेत मुख्यमंत्री (Chief Minister) से भी शिकायत की है, लेकिन आरोप है कि मामले को लेकर अब तक जिले के कोई अधिकारी गंभीर नजर नही आये. किसानों का आरोप है कि अब उनपर समिति के कर्मचारियों द्वारा जान से मारने की धमकी व शिकायत वापस लेने दबाव बनाया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव (Chhattisgarh Assembly Election) 2018 में कांग्रेस (Congress) पार्टी ने चुनावी घोषणा पत्र जारी कर किसानों का कर्जमाफी करने का वादा किया था. प्रदेश की जनता ने पार्टी पर भरोसा जताते हुए अपना वोट कांग्रेस की झोली में डाल प्रदेश की सत्ता कांग्रेस के हाथों में सौप दी. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही भूपेश बघेल ने सबसे पहले और सबसे बड़ा फैसला लेते हुए किसानों का कर्ज माफी की घोषणा कर दी. इसके बाद कर्ज माफी का सिलसिला भी शुरू हो गया.

भ्रष्टाचार का आरोप
बालोद जिले के गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत माहुद (बी) के किसान सुमेर सिंह, राम प्रसाद का कहना है कि उनके खाते पर सोसायटी से 21 हजार 4 सौ 60 रुपये का ऋण लिया गया था. लेकिन कर्जमाफी के बाद इन्हें भी सोसायटी की तरफ से 1 लाख 37 हजार 554 रुपये ऋण माफी प्रमाण पत्र दिया गया. ये एक किसान से नहीं बल्कि गांव के दर्जनों किसानों से ऐसा ही छलावा हुआ है. जब सोसायटी के जिम्मेदारों को उनके काले कारनामे का उजागर होने का अंदेशा हुआ तो किसान के घर पहुच कर्जमाफी प्रमाण पत्र मांग वापस ले गए. अब समिति के कर्मचारियों द्वारा किसानों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है.

सीएम से शिकायत
मामले में सूबे के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मामले को गलत बताया और शिकायत मिलने पर जांच की बात कही. बालोद कलेक्टर रानू साहू ने भी इस मामले को लेकर पहली बार इस तरह की शिकायत मिलने की बात कहते हुए जांच के आश्वासन दिए. जबकि इस मामले में एक किसान द्वारा मुख्यमंत्री तक शिकायत की जा चुकी है. शिकायत के बाद ही सीएम हाउस से 5 नवम्बर को कलेक्टर के नाम इस मामले को लेकर पत्र भी जारी हो चुका है. बावजूद इसके जिम्मेदारों द्वारा मामले की शिकायत नहीं मिलने का हवाला दिया जा रहा है.

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First published: November 21, 2019, 1:38 PM IST
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