करकाभाठ शक्कर कारखाना गन्ना किसानों के लिए बना परेशानी का सबब

सीजन के पहले ही लाखों रुपए खर्च कर मशीनों का मेंटेनेंस कराया गया है. बावजूद इसके आए दिन मशीनों में खराबी आ रही है, जिससे पेराई कार्य प्रभावित है.

Santosh Kumar Sahu | News18 Chhattisgarh
Updated: March 17, 2019, 11:08 AM IST
करकाभाठ शक्कर कारखाना गन्ना किसानों के लिए बना परेशानी का सबब
करकाभाठ शक्कर कारखाना गन्ना किसानों के लिए बना परेशानी का सबब
Santosh Kumar Sahu | News18 Chhattisgarh
Updated: March 17, 2019, 11:08 AM IST
छत्तीसगढ़ में बालोद जिले के करकाभाठ स्थित दंतेश्वरी मैय्या सहकारी शक्कर कारखाने में इस बार पेराई सीजन के पहले ही लाखों रुपए खर्च कर मशीनों का मेंटेनेंस कराया गया है. बावजूद इसके आए दिन मशीनों में खराबी आ रही है, जिससे पेराई कार्य प्रभावित है. साथ ही साथ गन्ना लेकर यहां पहुंचे किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गन्ने से भरे सैकड़ों ट्रैक्टर पिछले 4-5 दिनों से कतार में खड़े हुए हैं. मिली जानकारी के मुताबिक इस पेराई सीजन में किसानों का भुगतान करीब 14 करोड़ रुपए बकाया है. डेढ़ माह पेराई सीजन हो गया, लेकिन भुगतान मात्र डेढ़ करोड़ का ही किया गया है.

गन्ना किसानों को आर्थिक लाभ देने वाला जिले का करकाभाठ शक्कर कारखाना इस बार किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है. आए दिन मशीनों में प्रॉब्लम आने के कारण पेराई कार्य प्रभावित हो रहा है. बता दें कि किसानों के खेत में गन्ना की कटाई हो चुकी है. ऐसे में गन्ना लेकर यहां आने वाले किसानों का सिलसिला बना हुआ है. गन्ना खाली नहीं होने की वजह से सैकड़ों ट्रैक्टर गन्ना जाम हो गया है. इसकी वजह से किसानों को 4-5 दिनों का ट्रैक्टर भाड़ा देना पड़ रहा है.

दूसरी ओर कारखाने में इस बात का आरोप लग रहा है कि जो रोस्टर बना हुआ है उसके अनुरूप यहां काम नहीं किया जा रहा है. प्रभावशाली लोगों को तत्काल टोकन दे दिया जा रहा है और पहले से टोकन लिए हुए है किसान कतार में ही लगे हुए हैं. कारखाना के जिम्मेदार अधिकारी भी इस बात को स्वीकार रहे हैं कि मशीनों में खराबी आई थी, जिसे फिलहाल ठीक करा दिया गया है. वहीं देवास से संपर्क किया गया है ताकि मशीनों को पूरी तरह ठीक किया जा सके. वहीं कारखाने में अनियमितता की शिकायत पर कलेक्टर ने कार्रवाई की बात कही है.



बता दें कि बीते 5 जनवरी से जारी पेराई कार्य से अब तक 53 हजार मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हो चुकी है. इससे 47 हजार क्विटंल शक्कर का उत्पादन हुआ है. अभी पेराई के लिए गन्ने की आवक लगातार बनी हुई है, लेकिन यहां व्याप्त अनियमितता के चलते किसान बेहद परेशान हैं.

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