VIDEO: बेरोजगारी के अंधेरे में दिव्यांगों को मिला रोजगार, शुरू हुआ यहां नौकायन
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बालोद में नौकायन के प्रारंभ होने से न केवल शहरवासियों के चेहरे पर खुशी है बल्कि नगर पालिका द्वारा इस नौकायन को शुरू करने के बाद इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर के ही एक दिव्यांग समूह को सौंप दी गई है.

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छत्तीसगढ़ में बालोद नगर पालिका की एक पहल से नगर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल और कभी प्रदेश में मॉडल के रूप में प्रसिद्ध रहे तालाब में करीब 10 वर्षों बाद फिर एक बार फिर नौकायन शुरू हो रही है. इस नौकायन के प्रारंभ होने से न केवल शहरवासियों के चेहरे पर खुशी है बल्कि नगर पालिका द्वारा इस नौकायन को शुरू करने के बाद इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर के ही एक दिव्यांग समूह को सौंप दी गई है. इसके पीछे नगर पालिका का उद्देश्य है कि उनके इस पहल के बाद नगर के कुछ दिव्यांगों को रोजगार उपलब्ध करा सके. पालिका के इस पहल से दिव्यंगों में भी खुशी का माहौल है.

बता दें कि बालोद जिले का गंगासागर तालाब जो कुछ वर्ष पहले तक प्रदेश के मॉडल तालाब के रूप में अपनी पहचान बना चुकी थी, लेकिन पूर्व के कुछ सत्ता परिवर्तन के बाद नगर पालिका की अनदेखी के चलते यह तालाब पूरी तरह गंदगी से पट चुका था. वहीं वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने पहले यहां सफाई कराई, इसके बाद अपने निधि से इस तालाब में नौकायन प्रारंभ कराई. इतना ही नहीं इस पूरे नौकायन के संचालन का जिम्मा नगर के दिव्यांग समूह को सौंप दिया है.

इसमें इस नौकायन से आने वाली राशि का मात्र 1 प्रतिशत ये समूह नगर पालिका को देगा. शेष 99 प्रतिशत राशि समूह को दिया जाएगा. बालोद नगर पालिका के इस पहल से नगर के दिव्यांग स्व सहायता समूह के लोगों का कहना है कि इससे उनके जीवन में निश्चित बदलाव आएगा. पालिका द्वारा किए गए इस पहल के चलते उनके समूह से जुड़े 10 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं.



बहरहाल, काफी समय से बेरोजगारी के अंधेरे में रोशनी तलाशती इस समूह के 10 लोगों को बालोद पालिका ने आगे बढ़ने का एक नया रास्ता दिखाया है, जो आने वाले दिनों में इनके लिए निश्चित ही एक मिल का पत्थर साबित हो सकता है.
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