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नवरात्रि के पहले दिने से सीने पर ज्योति कलश स्थापित कर मंदिर में लेटी महिला

नवरात्रि के पहले दिने से सीने पर ज्योति कलश स्थापित कर मंदिर में लेटी महिला
नवरात्रि के पहले दिने से सीने पर ज्योति कलश स्थापित कर मंदिर में लेटी महिला

बालोद जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर नारागांव के घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित मां सिया देवी मंदिर लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. खास तौर पर नवरात्रि के दौरान यहां स्थित 5 हजार साल पुरानी मां सिया देवी की प्रतिमा की एक झलक पाने के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 21, 2018, 12:10 PM IST
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छत्तीसगढ़ के बालोद जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर नारागांव के घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित मां सिया देवी मंदिर लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. खास तौर पर नवरात्रि के दौरान यहां स्थित 5 हजार साल पुरानी मां सिया देवी की प्रतिमा की एक झलक पाने के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है. वहीं इस बार एक महिला द्वारा मां के प्रति अटूट आस्था का स्वरूप देखने को मिल रहा है. महिला मंदिर में लेटकर अपने सीने के ऊपर ज्योति कलश रखी हुई है.

लिहाजा, नवरात्रि के इस पूरे 9 दिनों तक वह उसी अवस्था में लेटकर उस ज्योति कलश को अपने सीने पर रखेगी. ऐसे में मंदिर में मां की प्रतिमा के दर्शन करने के साथ साथ इस महिला की आस्था को भी देखने के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है.

मिली जानकारी के मुताबिक इस मंदिर में कुल 379 मनोकामना ज्योति कलश भक्तों द्वारा प्रज्वलित की गई है. इसमें से एक महिला है जो एक ज्योति कलश को अपने सीने मे रख कर लेटी हुई है. यह महिला भानुप्रतापपुर के पास ग्राम मुल्ला की रहने वाली है, जो नवरात्रि के पहले दिन से ही इसी अवस्था में लेटी हुई है. बता दें कि पूरे 9 दिन तक महिला इसी अवस्था में रहेगी.



श्रद्धा से यहां पर कुछ करने की इच्छा रखते हैं. उनको भगवत कृपा से आदेश मिलता है. देवताओं द्वारा कि अपने सीने में ज्योति जलाओं और उसी स्थान पर पूरे 9 दिनों तक सोए रहो. यह ज्योति पूरे 9 दिनों तक जलती रहनी चाहिए.
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