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आंगनबाड़ी केंद्रों में 15 दिनों से लटका है ताला, की जाएगी वैकल्पिक व्यवस्था

Upesh sinha | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 7, 2017, 3:31 PM IST
आंगनबाड़ी केंद्रों में 15 दिनों से लटका है ताला, की जाएगी वैकल्पिक व्यवस्था
आंगनबाड़ी केंद्रों में वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश
Upesh sinha | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 7, 2017, 3:31 PM IST
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के पिछले 15 दिनों से हड़ताल पर रहने के कारण कुसमी इलाके के तमाम आंगनबाड़ियों में ताला लटका हुआ है.

आंगनबाड़ी केंद्र के कार्यकर्ताओं की मानें तो उनका शासन द्वारा शोषण हो रहा है. मात्र 4 हजार रुपए की नौकरी में घर खर्च नहीं चल सकता है. इसलिए उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाने के साथ उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए.

ऐसा न करने पर वे रैली और हड़ताल के जरिए अपनी मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन करते रहेंगे. वहीं कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हड़ताल को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की अध्यक्ष गौरी देवी ने वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही है.

एक तरफ लंबे समय तक हड़ताल करने के बाद शिक्षाकर्मी अपने काम पर लौट चुके हैं. वहीं कुसमी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पिछले 15 दिनों से धरना और रैली कर सरकार से मानदेय बढ़ाने और सरकारी कर्मचारी घोषित किए जाने की मांग कर रहे हैं

वहीं आंगनबाड़ियों में ताला लटकने के कारण यहां पढ़ने वाले नौनिहालों का भविष्य खतरे में है.

आंगनबाड़ियों में ताला लटकने वाली बात पर अधिकारियों की मानें तो उन्हें उच्च अधिकारियों द्वारा निर्देश मिला है कि आंगनबाड़ियों में वैकल्पिक व्यव्यस्था के तहत मितानिन और गांव की लड़कियों का सहारा लिया जाए. ताकि आंगनबाड़ी संचालित हो सके.

वहीं अधिकारी अपने स्तर से नौनिहालों के भविष्य को लेकर कार्यकर्ता और सहायिका संघ से हड़ताल समाप्त करने के लिए उनसे चर्चा करने की बात कर रही है.

बहरहाल, अब देखना होगा कि लंबे समय से हड़ताल पर बैठे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की हड़ताल को लेकर शासन-प्रशासन किस तरह का फैसला लेती है ?
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