छत्तीसगढ़: 7 साल पहले आज ही के दिन 'लाल' हुआ था झीरम, वो मंजर याद कर होती है सिहरन
Bastar News in Hindi

छत्तीसगढ़: 7 साल पहले आज ही के दिन 'लाल' हुआ था झीरम, वो मंजर याद कर होती है सिहरन
कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला हुआ था. (File Photo)

छत्तीसगढ़ ही नहीं देश को हिला कर रख दिया था वो घटना है झीरम घाटी की जहां आज ही के दिन माओवादियों ने ऐसा खूनी खेल खेला था जिसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिग्गज नेताओं, सुरक्षा जवान और आम लोग सहित करीब 32 लोगों को मौत की नींद सुला दी थी.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
जगदलपुर. देश में नक्सली हिंसा से वैसे तो कई राज्य जूझ रहे हैं लेकिन छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में तीन दशकों से पसरे लाल आतंक का अब तक कोई अतं नहीं हो पाया है. ये जरूर है कि लाल आतंक की हिंसा में राजनीतिक दलों से लेकर सुरक्षा जवान हर दिन मौत की नींद सोते जा रहे हैं. 'लाल आतंक' की ऐसी हिंसा जिसने छत्तीसगढ़ ही नहीं देश को हिला कर रख दिया था वो घटना है झीरम घाटी (Jhiram Naxal Attack) की जहां आज ही के दिन माओवादियों ने ऐसा खूनी खेल खेला था जिसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिग्गज नेताओं, सुरक्षा जवान और आम लोग सहित करीब 32 लोगों को मौत की नींद सुला दी थी.

इस मामले में कई तरह की जांच आज भी चल रही हैं. झीरम में हुए माओवादी घटनाक्रम के पीछे साजिश की बातें भी बड़े जोर-शोर हुई. आज इस घटनाक्रम को हुए सात साल बीत गए हैं. अब तक उस घटना से जुड़े बड़े माओवादी लीडरों की न तो गिरफ्तारी हो सकी है और न ही जांच एजेसियों की कोई रिपेार्ट सामने आई हैं.

'काला दिन' आज भी याद आता है
साल दर साल कैलेंडर के बदलते महीनों के बीच जब मई का महीना और 25 मई की तारीख लोगों के जहन में आती है तो आज से सात साल पहले जगदलपुर जिले के दरभा इलाके में करीब तीन घंटे तक माओवादियों द्वारा किया गया घटनाक्रम हर किसी को याद आ जाता है.  25 मई 2013 को दिग्गज कांग्रेस नेता परिवर्तन यात्रा के काफिले को लेकर सुकमा से लौट रहे थे. उस दौरान एक बड़े घटनाक्रम को अंजाम देने के लिए बड़ी संख्या में माओवादी इस घाटी में घात लगाकर बैठे थे. जैसे ही कांग्रेस का काफिला दरभा के झीरम घाटी में पहुंचा उसी दौरान माओवादियों ने घटनाक्रम को अंजाम दिया. इस घटना के दौरान कुछ लोग माओवादियों की गोली लगने से घायल हुए थे आज भी उस भयावह घटनाक्रम को याद कर सिहर उठते हैं. माओवादियों की गोली से घायल हुए कांग्रेसी नेता राजीव नारंग आज भी उस घटना को याद कर सिहर उठते हैं. उधर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अतिरिक्त शुक्ला ने न्यूज़18 से बात करते हुए कहा कि ये ऐसे घाव है जो आज भी हरे हैं



इस मामले में कई तरह की जांच आज भी चल रही हैं. झीरम में हुए माओवादी घटनाक्रम के पीछे साजिश की बातें भी बड़े जोर-शोर हुई. (File Photo)




आंखें हो जाती  है नम

बस्तर के लोग आज भी जब उस मंजर को याद करते हैं उनकी आंखे नम हो जाती हैं. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव मलकीत सिंह गैदु माओवादियों से बचकर निकल आए थे. उन्होंने कहा कि उनकी आंखों के सामने बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, नन्दकुमार पटेल, उनके बेटे सहित विद्याचरण शुक्ल को गोली मार दी गई थी. आज भी सपने में वो घटना डराती है. 25 मई 2013 को हुए घटनाक्रम को लेकर कुछ समय तक देश में काफी उथल पुथल मची. तत्कालीन भाजपा सरकार ने जहां इस मामले के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया तो वहीं तत्कालीन केन्द में रही यूपीए सरकार ने इस घटनाक्रम की जांच एनआईए को सौंपी. सात साल बीत गए हैं राज्य स्तर पर गठित न्यायिक जांच आयोग में अब तक दर्जनों लोगों के बयान दर्ज हो पाए, तो वहीं राष्ट्रीय जांच एजेसी ने जांच रिपोर्ट सौंप कर इस मामले की फाइल को बंद कर दिया.

झीरम कांड की घटना से लेकर आजतक ये सवाल आम लोग भी उठाते रहे हैं कि इतने बड़े हत्याकांड के पीछे वाकई नक्सली थे या फिर कुछ और साजिश थी. (File Photo)


इन सबके बीच राजनीतिक बयानबाजी का दौर भी शुरू हुआ लेकिन कुछ सामने नहीं आय. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राज्य सरकार ने सीबीआई जांच कराने की घोषणा भी की थी, लेकिन केन्द्र तक पहुंचते ही इस मांग को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. कांग्रेस दावा कर रही है कि ये पूरा घटनाक्रम एक राजनीतिक साजिश थी. घटना को सात साल बीत जाने के बाद भी अब तक कांग्रेस को न्याय नहीं मिल पाया है. ऐसे में कुछ की उम्मीदें बंधी हुई थी, तो कुछ की उम्मीदें टूट चुकी है. अब उन्हें नहीं लगता है कि कांग्रेस को न्याय मिल पाएगा. बहरहाल झीरम कांड की घटना से लेकर आजतक ये सवाल आम लोग भी उठाते रहे हैं कि इतने बड़े हत्याकांड के पीछे वाकई नक्सली थे या फिर कुछ और साजिश थी.

ये भी पढ़ें: 

NIT रायपुर के ये स्टूडेंट्स घर बैठे देंगे ऑनलाइन एग्जाम, ऐसे सब्मिट होगी आंसर शीट, जानें पूरा टाइम टेबल 

 

दिमागी रूप से कमजोर नाबालिग से रेप, 5 महीने का गर्भ ठहरा तो हुआ मामले का खुलासा 

 
First published: May 25, 2020, 1:07 PM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading