मिसाल: 'खाकी' ने दिया अर्थी को कंधा, बिहार में बैठे परिवार को ऐसे दिखाई आखिरी झलक

कोरोना संकट के बीच बस्तर पुलिस ने एक मिसाल पेश की है.
कोरोना संकट के बीच बस्तर पुलिस ने एक मिसाल पेश की है.

लॉकडाउन के चलते मृकर परिजन बिहार (Bihar) से पहुंच नहीं सकते थे. ऐसे में मृतक का परिवार बनकर पुलिस (Police) ने उसका अंतिम संस्कार किया.

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बस्तर.  वैश्विक महामारी कोरोना (COVID-19) से पूरी दुनिया समेत भारत भी जूझ रहा है. पूरी दुनिया इस समय एक होकर कोरोना से जंग लड़ रही है. ऐसे संकट के समय में मानवता भी कई रूप में दिखाई दे रही है. आम तौर पर खाकी वर्दी को लेकर जो लोगों के मन में बातें थी वह सब परे जा चुकी हैं. आज पुलिस के जवान लोगों की रक्षा करने के लिए जो जंग लड़ रहे हैं उसकी कई तस्वीरें सामने आ रही हैं. कहीं पुलिस को माला पहनाई जा रही है तो कहीं पर उन पर फूल बरसाए जा रहे हैं. इस कोरोना काल में बस्तर की पुलिस (Bastar Police) ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है जिसे देखकर हर कोई पुलिस को सेल्यूट कर रहा है. बिहार (Bihar) से एक श्ख्स बस्तर में काम करने के लिए आया हुआ था. लेकिन किडनी फेल हो जाने के चलते उसी मौत हो गई. लॉकडाउन (Lock down 2.0) के चलते परिजन बिहार से पहुंच नहीं सकते थे. ऐसे में मृतक का परिवार बनकर पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार किया.

 

.... जब एक अनजान के लिए पुलिस बनी परिवार

बिहार के नालंदा जिले के रूपसपुर के रहने वाले रंधीर कुमार बस्तर के सुकमा जिले में प्राइवेट कंपनी में सुपरवाइजर का काम कर रहे थे. उनके साथ काम करने वाले एक साथी के मुताबिक दो दिन पहले अचानक रंधीर कुमार की तबीयत खराब हुई. इसके बाद उन्हें सुकमा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत ज्यादा बिगड़ने पर मजदूर साथी उन्हें जगदलपुर के एमपीएम अस्पताल ले आया, लेकिन रंधीर को बचाया नहीं जा सका.




अस्पताल की औपचारिकताओं के बाद बोघघाट पुलिस ने परिवार वालों को इसकी सूचना दी. लॉकडाउन के चलते परिवार मृतक के शव को बिहार ले जाने में असमर्थ था. ऐसे में परिजनों ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी पुलिस को सौंप दी. पुलिस के मुताबिक परिवार वालों की एक इच्छा थी कि रंधीर का अंतिम संस्कार रीति रिवाज से कर दिया जाए. ये पूरा वाक्या एसृपी दीपक कुमार झा को बताया गय. फिर एसपी ने अंतिम संस्कार करने की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए.

सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का भी पालन किया गया.


पुलिस ने पेश की मिसाल

कोतवाली और बोधघाट के थाना प्रभारियों ने मिलकर मृतक की अर्थी सजाई. शव वाहन के जरिए शव वाहन को जगदलपुर के मुक्ति धाम लाया गया. शव को पुलिस के आला अधिकारियों ने कंधा दिया. सीएसपी हेमराज सिदार ने मुखाग्नि दी. कोतवाली टीआई धनंजय सिन्हाृ और बोधघाट टीआई राजेश मरई भी मौजूद रहे. अंतिम सफर पर विदा करने से लेकर अंतिम संस्कार को मृतक के परिजनों को वीडियो कॉलिंग के जरिए परिवार को दिखाया गया. सभी ने मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित की.





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