बस्तर में नहीं मिल रहा भगवान को भोग, PM नरेन्द्र मोदी से दखल की मांग

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर (Bastar) में मंदिर कमेटी के अधीन आने वाले 22 मंदिरों के देवी-देवताओं को भोग नहीं लग रहा है.

Vinod Kushwaha | News18 Chhattisgarh
Updated: September 9, 2019, 11:16 AM IST
बस्तर में नहीं मिल रहा भगवान को भोग, PM नरेन्द्र मोदी से दखल की मांग
छत्तीसगढ़ के बस्तर में टेम्पल कमेटी के अधीन आने वाले 22 मंदिरों के देवी देवताओं को भोग नहीं लग रहा है. (फाइल फोटो)
Vinod Kushwaha | News18 Chhattisgarh
Updated: September 9, 2019, 11:16 AM IST
बस्तर: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर (Bastar) में मंदिर कमेटी के अधीन आने वाले 22 मंदिरों के देवी-देवताओं को भोग नहीं लग रहा है. इसके लिए बिल के भुगतान को एक वजह बताया जा रहा है. तो दूसरी तरफ आस्था ओर धर्म के मामलों में जानकार देवी-देवताओं को भोग नहीं मिलने को अच्छा संकेत नहीं मान रहे हैं. हालांकि अब तो ये भी मांग की जा रही है कि पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) को इस बारे में दखल देनी चाहिए. ताकि व्यवस्था में जल्द कोई सुधार हो. हालांकि जिम्मेदार जल्द ही मंदिरों में भोग सामग्री दिए जाने का दावा कर रहे हैं.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) शासन के अधीन चलने वाले बस्तर (Bastar) के 22 मंदिरों में देवी-देवताओं को लगने वाले भोग सामग्री सहकारी संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध करवा जाती थी. आरोप लग रहे हैं कि टेम्पल कमेटी भोग सामग्री की खरीदी तो कर लेती है, लेकिन भोग सामग्री के बिल का भुगतान विलंब से किया जाता है. जिसके चलते भोग सामग्री को उपल्बध कराए जानें में देर होती है. देवी देवताओं को भोग नहीं लगाए जाने के दुष्परिणाम के संकेत भी पुजारी दे रहे हैं. जगदलपुर पुरातत्व विभाग के सदस्य हेमंत कश्यप का कहना है कि व्यवस्था में जल्द ही सुधार हो जाएगी.

पीएम मोदी से गुहार
जगदलपुर के जगन्नाथ मंदिर के पुजारी नरेन्द्र पाणीग्राही का मानना है कि देवी देवताओं को प्रसाद भोग जरूरी होता है. देवी देवताओं को भोग लगाने के पीछे पूरे ब्राम्हाड का लाभ छिपा होता है. ऐसे में भोग जरूरी होता है. जगदलपुर के ही कंकालिन मंदिर के पुजारी मोहन जोशी का कहना है कि अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मामले में दखल देना चाहिए और मंदिरों में भोग सामग्री की व्यवस्था की जानी चाहिए.

जल्द भुगतान का दावा
बताया जा रहा है कि दिसंबर 2018 से मई 2019 तक राशन का 1 लाख 98 हजार 200 रुपए होता है, जो बकाया है. सहकारी समिति उक्त राशि का भुगतान नहीं होने तक भोग सामग्री देने से मना कर रही हैं. टेम्पल कमेटी दावा कर रही है कि जल्द ही सहकारी समिति का भुगतान कर दिया जाएगा. तहसीलदार सुंदरलाल धतलहरे का कहना है कि जल्द ही बकाया राशि का जल्द ही भुगतान किया जाएगा.

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First published: September 9, 2019, 11:16 AM IST
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