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अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की मांग पर अड़ा माहरा समाज

Vinod Kushwaha | News18 Chhattisgarh
Updated: September 20, 2018, 3:47 PM IST
अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की मांग पर अड़ा माहरा समाज
अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की मांग पर अड़ा माहरा समाज

छत्तीसगढ़ में वोट बैंक के रूप में एक बड़ी ताकत रखने वाले प्रदेश के माहरा समाज ने सरकार से अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग शुरू कर दी है.

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छत्तीसगढ़ के जलदलपुर में वोट बैंक के रूप में एक बड़ी ताकत रखने वाले प्रदेश के माहरा समाज ने सरकार से अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग शुरू कर दी है. इतना ही नहीं समाज के लोगों ने बीते साल दिसंबर माह में सरकार द्वारा की गई घोषणा से लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है. लिहाजा, समाज के लोगों ने सरकार से निवदेन किया है कि सरकार दो अलग-अलग जाति माहरा और महार को मर्ज ने करे.

दरसअल, काफी समय से माहरा समाज सरकार से खुद को अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की मांग करता आ रहा है. चुनावी साल को देखते हुए सरकार ने दिसंबर माह में माहरा को महार जाति बताते हुए अनुसूचित जाति में शामिल कर दिए जाने की घोषणा कर दी थी, लेकिन समाज ने इस घोषणा को पूरी तरह से गलत ठहराते हुए सरकार से दोबारा विचार करने की गुजारिश की थी. बाद में सरकार ने नाम में मात्राओं की गलती बताते हुए इस विवाद को खत्म करने की कोशिश की. कुछ समय तक ये मामला शांत रहा, लेकिन अब चुनाव के नजदीक आते ही इस मांग ने एक बार फिर से जोर पकड़ना शुरू कर दिया है.

माहरा समाज के लोगों ने जगदलपुर के निषाद भवन में एक बैठक करते हुए निणर्य लिया है कि सरकार के सामने एक बार फिर से निवेदन किया जाएगा कि सरकार माहरा जाति को महार जाति में शामिल न करे. लोगों का कहना है कि माहरा जाति बस्तर की मूल जाति है. माहरा समाज ने सरकार को साफ शब्दों में चेताया है कि माहरा जाति को खत्म कर आरक्षण लेने के लिए समाज तैयार नहीं हैं.

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First published: September 20, 2018, 3:43 PM IST
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