माओवादी भी बनाते हैं अपनी अकांउट शीट, खर्च का होता है पूरा ब्योरा

Vinod Kushwaha | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: November 16, 2017, 9:03 AM IST
माओवादी भी बनाते हैं अपनी अकांउट शीट, खर्च का होता है पूरा ब्योरा
बस्तर रेंज के आईजी विवेकानंद सिन्हा
Vinod Kushwaha | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: November 16, 2017, 9:03 AM IST
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में अपनी जनताना सरकार चलाने वाले माओवादी लेव्ही के रूप में वसूले जाने वाले रुपयों से नक्सलवाद गति बढ़ावा देने का काम करते हैं. वहीं नक्सलवाद समेत गांव में ग्रामीणों को अपने जाल में फंसाने के लिए उनसे कुछ काम करवाकर उन्हें मजदूरी के रूप में रूपए देते हैं.

इसके साथ ही संगठन को चलाने के लिए माओवादी अलग-अलग खर्चों की अकांउट शीट भी बनाते हैं, जिसमें महीनेभर के खर्चों को ब्योरा होता है. इसमें दवाई से लेकर रक्षा खर्च शामिल होते हैं. हाल ही में बस्तर के नारायणपुर में हुई मुठभेड़ के दौरान माओवादियों की ऐसी ही एक अकाउंट शीट से कई तरह के खुलासे हुए हैं.

दरअसल, देश के करीब 22 राज्यों में पनपे नक्सलवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे सुरक्षा बलों के ऑपरेशन के दौरान माओवादी कैंपों और मुठभेड़ के दौरान आबूझमाड इलाके के नारायणपुर
के इरपानार में माओवादियां की अकाउंट शीट सुरक्षाबलों के हाथ लगी है.

मिली जानकारी के मुताबिक नेलनार एलओएस (लोकल आपरेशन स्क्वाड) की हस्तलिखित अकाउंट शीट में माओवादियों ने सालभर में अलग-अलग 14 मदों में खर्च होने वाले हिसाब किताब का ब्योरा लिखा है.

साल 2011 से 2016 तक के अकांउट शीट में 14 मदों में 21 लाख 35 हजार 935 रुपए खर्च करना बताया गया है. इस लिस्ट में माओवादियों ने कुछ रकम बैंक में भी जमा करवाई हैं, जिसका उल्लेख अकांउट शीट में किया गया है.

पूरे 12 महीनों की अकांउट शीट में विकास शाखा, रक्षा शाखा, संस्कति शाखा, जनसंम्पर्क शाखा, जेल शाखा, उद्योग शाखा, मीटिंग शाखा, पीएलजी परिवार शाखा, शहीद परिवार शाखा और इलाज शाखा समेत सदस्यता शाखा जैसे मद शामिल हैं.

इन 6 सालों के दौरान माओवादियों ने सबसे ज्याजा किचन मद में 5 लाख 9 हजार 219 रुपए खर्च किए हैं. बस्तर रेंज के आईजी विवेकानंद सिन्हा की मानें तो माओवादियों से मिली इस अकांउट शीट से ये पता चल रहा है कि माओवादियों की खर्चों में नोटबंदी के बाद से पूरी तरह से ब्रेक लगा है.

फिलहाल, कुछ और दस्तावेज को भी खंगालने का प्रयास सुरक्षा महकमा कर रहा है. वहीं माओवादियों से मिली कुछ अकाउट शीट में गांव में तालाब खुदवाने के लिए ग्रामीणों को दी जाने वाली सामग्री के बारे में भी दशार्या गया है.

बहरहाल, माओवादियों से पास से मिली इस बैलेंस शीट को लेकर सुरक्षा महकमा उन आत्मसमर्पित माओवादियों की भी मदद ले रहा है, जो पहले संगठन में उंचे ओहदे में काम कर चुके हैं. ताकि कुछ और अहम खुलासे हो सकें.
First published: November 15, 2017
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