Home /News /chhattisgarh /

सुरक्षाबलों की गोली से एक ग्रामीण की मौत, दूसरा घायल

सुरक्षाबलों की गोली से एक ग्रामीण की मौत, दूसरा घायल

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में दो मासूम सीआरपीएफ 168 वीं बटालियन के जवानों की गोली का शिकार बने. दोनों ग्रामीणों में से एक की छाती पर गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई और दूसरे को पैर में गोली लगी है जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है.

    छत्तीसगढ़ के बीजापुर में दो मासूम सीआरपीएफ 168 वीं बटालियन के जवानों की गोली का शिकार बने. दोनों ग्रामीणों में से एक की छाती पर गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई और दूसरे को पैर में गोली लगी है जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है.

    ग्रामीणों का कहना है कि तिम्मापुर के सीआरपीएफ बेस कैंप के जवान गश्त सर्चिंग कर वापस लौट रहे थे. तभी रात तकरीबन 10 बजकर 40 मिनट पर गांव में कुछ युवकों की आवाज़ आई जिसके बाद जवानों ने ग्रामीणों पर फायरिंग शुरू कर दी. इस फायरिंग में एक ग्रामीण की मौत हो गई तो वही दूसरा युवक घायल है. मृत युवक का नाम पूनेम नंदू था जिसकी बाई छाती में गोली लगी और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया.

    पूनेम नंदू उसूर के ब्लाक कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सुकलू पुनेम का बेटा है. दुसरे ग्रामीण के दाएं पैर में गोली लगने से वो घायल हो गया. घायल युवक को जवानों ने सरकारी अस्पताल न ले जाकर अपने ही फिल्ड अस्पताल में इलाज़ करवाया. घटना के बाद ही जवान 7 चश्मदीदों को भी अपने साथ ले गए. ग्रमीणों ने आगे बताया कि सीआरपीएफ के जवानों ने लगभग 17 राउंड फायर किया था. घटनास्थल पर खून के धब्बे और एके 47 बन्दूक की गोली के खाली खोखे भी पड़े हुए हैं.

    घटना की जानकारी मिलते ही कोंटा विधायक कवासी लखमा, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विक्रम मंडावी सहित भारी संख्या में कांग्रेसी पीड़ित परिजनों से मिलने बासागुडा पहुंचें. इस दौरान सीआरपीएफ के अधिकारियों के साथ कांग्रेसियों की तीखी बहस हुई. सीआरपीएफ के अधिकारी परिजनों को मृत युवक का शव देखने नहीं दे रहे थे. जिसके बाद गुस्साएं परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर पुलिस विरोधी नारे लगाए.

    स्थिति बिगड़ती देख जवानों ने मृत युवक के पिता और उसके भाई को शव देखने दिया. मीडिया से बात करते हुए कवासी लखमा ने सीआरपीएफ के जवानों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कवासी लखमा के मुताबिक सीआरपीएफ के जवान रक्षक नहीं भक्षक हैं. प्रदेश की भाजपा सरकार के इशारे पर लगातार आदिवासियों की ह्त्या की जा रही है. साथ ही कवासी लखमा ने प्रदेश सरकार से पीड़ित परिजनों को 50 लाख रूपए की मुआवजा देने की मांग की है.
    पुलिस परिजनों और कांग्रेस के आरोपों का खंडन कर रही है. बीजापुर एसपी केएल ध्रुव के मुताबिक पुलिस के पास उस इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना पहले से थी. जिसके आधार पर उस इलाके में जवानों को गश्त के लिए रवाना किया गया था.

    जवान गश्त से जब वापस लौट रहे थे तब ही पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई. इसी मुठभेड़ की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत भी हो गई और दूसरा घायल हुआ, साथ ही बीजापुर एसपी ने ये भी स्वीकारा की 7 ग्रामीणों को सीआरपीएफ के जवानों ने ही अपने साथ पूछताछ के लिए लाए थे वो भी सुरक्षित हैं.

    Tags: Bastar news, CRPF, Naxal attack

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर