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बस्तर के इस ऐतिहासिक मंदिर में दीप जलाने पर रोक, ये है वजह

Vinod Kushwaha | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 8, 2017, 3:04 PM IST
बस्तर के इस ऐतिहासिक मंदिर में दीप जलाने पर रोक, ये है वजह
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Vinod Kushwaha | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 8, 2017, 3:04 PM IST
बस्तर के जगदलपुर में स्थित ऐतिहासिक और पुराने दंतेश्वरी देवी के मंदिर मंदिर के अंदर दीप अगरबत्ती और धूप जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. मंदिर के पुजारी के मुताबिक दीप अगरबत्ती और धूप मंदिर परिसर के अंदर जलाए जाने से मंदिर की दीवार, पिल्लर और मंदिर के अंदर लगे कैमरे जैसी सामग्री खराब हो रही हैं.

सन 1890 में बने इस मंदिर की ऐतिहासिकता के साथ ही पुरात्तव के लिहाज से ये मंदिर काफी अहम है. धूप अगरबत्ती और दीप जलाने से मंदिर के पर्यावरण और सरंक्षण पर भी खतरा मंडरा रहा है. इसके साथ ही दीप अगरबत्ती से कई बार दानपेटी भी जल चुकी है. इन सब बातों को देखते हुए कमेटी के कमेटी के सचिव ने तहसीलदार को एक पत्र सौपकर मंदिर के अंदर दीप अगरबत्ती सहित धूप के उपयोग पर पांबदी लगाने की मांग की थी.

जगदलपुर के दंतेश्वरी मंदिर का प्रवेश द्वार.


मंदिर कमेटी की मांग पर तहसीलदार ने इस पर तत्काल निणर्य लेते हुए मंदिर परिसर के भीतर दीप, अगरबत्ती व धूप जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है.
टेम्पल कमेटी के सचिव तहसीलदार डीडी मंडावी के मुताबिक लोगों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए अब मंदिर परिसर में एक निधार्रित स्थान पर दीप अगरबत्ती और धूप जलाने की व्यवस्था की जा रही है.

निर्धारित स्थान पर देवी भक्त अगरबत्ती, दीप जला सकते हैं. मंदिर के मुख्य पुजारी उदयचंद पाणिग्राही सहित तहसीलदार डीडी मंडावी ने लोगों से अपील भी की है कि मंदिर की भव्यता ऐतिहासिकता और उसके पुरातत्व के महत्व को समझते हुए लोग इस पर अमल करें.
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