जगदलपुर में पाइप लाइन बिछाने के लिए काटे जा रहे हैं हजारों पेड़

Vinod Kushwaha | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: September 16, 2017, 6:57 PM IST
जगदलपुर में पाइप लाइन बिछाने के लिए काटे जा रहे हैं हजारों पेड़
धड़ल्ले से हो रही पेड़ों की कटाई.
Vinod Kushwaha | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: September 16, 2017, 6:57 PM IST
‌विकास के नाम पर किस कदर विनाश कर पेड़ों की बलि चढ़ाई जा सकती है, इसका जीता जागता उदाहरण बस्तर में देखने को मिल रहा है. जी हां...जगदलपुर के नगरनार बहुप्रतिष्ठित स्टील प्लांट में पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाने के नाम पर हजारों ईमारती पेड़ों की बलि दी जा रही है.

दरअसल, प्लांट तक पानी पहुंचाने के लिए शबरी नदी तट से नगरनार तक 24 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है. इस पाइपलाइन को बिछाने के लिए लगभग 4 हजार पेड़ों को बेरहमी से काटने का सिलसिला जारी है.

जगदलपुर वन मंडल के माचकोट और तिरिया रिर्जव फॉरेस्ट इलाके में जहां एक ओर पत्ता तोड़ने की इजाजत नहीं है वहीं इसी इलाके में पाइप लाइन बिछाने को लेकर खुदाई की जा रही है. मजदूरों के मुताबिक पाइप लाइन बिछाने के लिए हजारों पेडों को काटने का ठेका स्थानीय वन समितियों को दिया गया है. उन्हीं के माध्यम से पेडों की कटाई की जा रही हैं.

इस दौरान कीमती पेड़ों के साथ-साथ इस कटाई की आड़ में अंदर लगे सागौन और साल के पेडों पर कुल्हाडी चलायी जा रही है. इस मामले में वन विभाग के अधिकारी की माने तो  पर्यावरण विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद ही पेड़ों को काटा जा रहा है. विभाग दावा कर रहा है कि काटे गये पेड़ो की गणना की जा रही है. साथ ही ग्रामीणों को जलावन के रूप में लकड़ियां मिल रही है. लेकिन विकास की आड़ में किए जा रहे विनाश से बस्तर का भला होता नहीं दिख रहा है.

 

 
First published: September 16, 2017
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