अपना शहर चुनें

States

रिटायरमेंट के 11 साल बाद भी यह नियमित पहुंचते हैं स्कूल, देते हैं नि:शुल्क शिक्षा

शिक्षक दिलहरण तिवारी
शिक्षक दिलहरण तिवारी

बेमेतरा में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमीक विद्यालय से 31 मार्च 2006 को शासन ने दिलहरण तिवारी को रिटायर कर दिया था. इसके बाद से ही वे यहां नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं.

  • Share this:
शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता, इसलिए रिटायरमेंट के 11 साल बाद भी बेमेतरा के एक शासकीय स्कूल में एक शिक्षक अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रहे हैं.
बेमेतरा जिला मुख्यालय में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमीक विद्यालय से 31 मार्च 2006 को शासन ने दिलहरण तिवारी को रिटायर कर दिया था. इसके बाद से ही शिक्षा दान को सेवा मान कर दिलहरण तिवारी यहां नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं.
स्कूलों में शिक्षकों की कमी और बच्चों का भविष्य देखते हुए दिलहरण तिवारी ने वापस स्कूल में पढ़ाने का निर्णय लिया.
इसके बाद पिछले 11 साल से वे स्कूल में निःशुल्क शिक्षा की अलख जगा रहे हैं.
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमीक विद्यालय, बेमेतरा की छात्रा उर्वशी डोंगरे व पूजा सिंह कहती हैं कि तिवारी सर का पढ़ाया हुआ आसानी से समझ में आ जाता है. तिवारी सर अन्य शिक्षकों की अपेक्षा समय से पहले ही स्कूल पहुंच जाते हैं.
दिलहरण तिवारी मुख्य विषयों की पढ़ाई के साथ ही लोगों को निरोग रहने के लिए पीछले 30 सालों से योग की भी निःशुल्क शिक्षा दे रहे हैं. सुबह योग शिक्षा देने के बाद वे स्कूल में भी बच्चों को नियमित योग की शिक्षा देते हैं.
दिलहरण तिवारी कहते हैं कि शिक्षा दान ही उनका कर्तव्य है, एक शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता है. उनके पास जो कुछ भी है आज के हालात को देखते हुए बच्चों में बांटना चाहते हैं.
दिलहरण कहते हैं कि शासन से उन्हें पर्याप्त पेंशन मिल रही है, जिससे उनका जीवन निर्वाह हो रहा है.


स्कूल के प्रभारी प्रार्चाय बीएस सिंह कहते हैं कि तिवारी जी समय के पक्के हैं. हमलोगों को कभी स्कूल पहुंचने में देर हो जाती है, लेकिन वे हरदम समय पर ही स्कूल पहुंच जाते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज