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जांच दल के सामने खुली बेमेतरा नगर पालिका के स्‍वच्‍छ शहर के दावे की पोल

वार्ड 6 में सार्वजनिक शौचालय का निरीक्षण करने पहुंची टीम.
वार्ड 6 में सार्वजनिक शौचालय का निरीक्षण करने पहुंची टीम.

छत्‍तीसगढ़ के बेमेतरा में नगर पालिका प्रशासन के स्वच्छ शहर के दावे की पोल जांच करने पहुंचे केंद्रीय दल के सामने खुल गई. शहर को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने से पहुंची टीम ने बड़े पैमाने पर खामियां पाईं.

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छत्‍तीसगढ़ के बेमेतरा में नगर पालिका प्रशासन के स्वच्छ शहर के दावे की पोल जांच करने पहुंचे केंद्रीय दल के सामने खुल गई. शहर को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने से पूर्व निरीक्षण के लिए पहुंची केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों की टीम ने बड़े पैमाने पर खामियां पाईं.

कमियों को छिपाने के लिए नगर पालिका ने भरसक प्रयास किए, लेकिन आम लोगों ने अधिकारियों के सामने उसकी पोल खोल कर रख दी. अधिकारियों ने सार्वजनिक व घरेलू शौचालयों के निर्माण व उपयोगिता को लेकर बड़े पैमाने पर पाई गई खामियों के लिए पालिका प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई.

बदहाल शौचालयों का रातोरात कायाकल्प
केंद्रीय टीम के पहुंचने की जानकारी मिलते ही पालिका प्रशासन सक्रिय हो गया. रातोरात बदहाल शौचालयों का कायाकल्प किया गया. नगर पालिका प्रशासन की सक्रियता को देखकर संबंधित वार्डवासी भी स्तब्ध रह गए कि जो काम सालों से नहीं हुआ, वह एक दिन में कैसे होगा.
इसके अलावा वार्ड 6 मोहभठ्टा में निर्माण के 4 साल बाद भी बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय को साफ करके खोला गया. वार्ड पार्षद शिव साहू व वार्डवासियों ने अधिकारियों को बताया कि निर्माण के बाद से शौचालय बंद पड़ा था, जिसे रातोरात साफ कर खोला गया. वहीं अधिकारियों ने शौचालय की पंजी जांच करने पर निरंक पाई.



वार्ड पार्षद शिव साहू के अनुसार निर्माण के बाद से बंद पड़े शौचालय को शुरू करने के लिए पालिका प्रशासन को लिखित व मौखिक में कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई सार्थक कदम नहीं उठाए गए. परिणामस्वरूप कई वार्डवासी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं. जांच के दौरान स्वच्छता निरीक्षक श्रीनिवास द्विवेदी को निलंबित करने के लिए सीएमओ को कहा गया.
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