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जानिए, कैसे दो किलोमीटर की दूरी तय कर 1160 का हो गया 160 रुपए का कलाकंद

आरटीआई में मिले दस्तावेज की कॉपी
आरटीआई में मिले दस्तावेज की कॉपी

बेमेतरा मे महिला एंव बाल विकास विभाग में फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए का फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है.

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अगर आपसे कहा जाए कि 160 रुपए में खरीदी गई किसी वस्तु की कीमत दो किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद 1160 रुपए हो गई. इतना ही नहीं दस किलोमीटर के दायरे के किसी स्थान की दूरी 48 किलोमीटर हो गई तो शायद आप विश्वास नहीं करेंगे, लेकिन छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में ऐसा ही हुआ है.
बेमेतरा मे महिला एंव बाल विकास विभाग में फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए का फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है.
सूचना का अधिकार के तहत मिले दस्तावेजों में इसका खुलासा हुआ है. बेमेतरा जिले के महिला एंव बाल विकास विभाग के खण्डसरा के परीयोजना अधिकरी पर फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपयों का गोलमाल करने का आरोप है.
आगनवाड़ी गुणवक्ता बैठक के लिए बेमेतरा के नवागढ़ के एक मिठाई की दुकान से आधा किलो कलाकंद 160 रुपए व 80—80 रुपए की दो पैकेट नमकनी खरीदी गई.
नवागढ़ से खण्डसरा करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद कलाकंद की कीमत 1160 रुपए हो गई.
अधिकारियों ने बिल में फर्जीवाड़ा करते हुए राशि तो बढ़ा दी, लेकिन मात्रा आधा किलो ही रखा.
इससे मामला पकड़ में आ गया. इतना ही नहीं आरटीआई से मिले दस्तावेजों में अधिकारियों द्वारा और भी फर्जीवाड़ा किए जाने का प्रमाण मिलता है. वाहन के डीजल बिल में भी गड़बड़ी की गई है.


परियोजना अधिकारी ने बकायदा 18 दिसम्बर जब पूरे छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास जयती की छुट्टी रहती है, उस दिन भी वे आगनवाड़ी का दौरा किए हैं.
दौरे में दूरी को लेकर भी फर्जीवाड़ा किया गया है. इसमें नवागढ़ से पड़कीडीह की दूरी 48 किलो मीटर बताई गई है. जबकि वा​स्तविक दूरी दस किलोमीटर है.
इसके अलावा बिल में नवागढ़ से धनगांव की दूरी 62 किलोमीटर बताई गइर् है, जबकि वास्तविक दूरी 12 किलोमीटर ही है.
मामले की शिकायत बेमेतरा कलेक्टर से की गई है. कलेक्टर ने जांच के निर्देश भी ​दे दिए हैं.
महिला एवं बाल विकास विभाग की परिजयोजना अधिकारी दीप्ती पटेल ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही है.
आरटीआई कार्यकर्ता राकेश तिवारी ने बताया कि विभाग में इसी तरह के और भी फर्जीवाड़ा किए गए हैं.
कई बार दस्तावेजों में गलत जानकारी भी दे दी जाती है.
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