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गर्मी आने से पहले जिले में गहराने लगा जल संकट

गर्मी आने से पहले जिले में गहराने लगा जल संकट
गर्मी आने से पहले जिले में गहराने लगा जल संकट

छत्तीसगढ़ में लगातार 3 साल से सूखे की मार झेल रहे बेमेतरा जिले में गर्मी के आने से पहले ही कई गावों में अभी से ही पानी की समस्या गहराने लगी है. लोग पानी के लिए कलेक्ट्रेट की चक्कर लगा रहे हैं. ऐसे में अभी लोगों की पहली प्राथमिकता पानी की व्यवस्था कराना बन गया है.

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छत्तीसगढ़ में लगातार 3 साल से सूखे की मार झेल रहे बेमेतरा जिले में गर्मी के आने से पहले ही कई गांवों में अभी से ही पानी की समस्या गहराने लगी है. लोग पानी के लिए कलेक्ट्रेट की चक्कर लगा रहे हैं. ऐसे में अभी लोगों की पहली प्राथमिकता पानी की व्यवस्था कराना बन गया है. गर्मी अभी ठीक से आई भी नहीं है और पानी की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है.

बेमेतरा में सालों से खारे पानी की समस्या से पीड़ित आंदू, बिटकुली, झिरिया, खुड़मुड़ा, नवागांव में महीनों से ग्रामीण पेयजल की संकट का सामना कर रहे हैं. तेज धूप वाली भरी दोपहरी में महिलाएं कुएं के मुहाने पर एक-एक बूंद को जुटाने के लिए पसीना बहाती हैं. सामने 8-8 घंटे तक बाल्टी रखकर पानी के लिए ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. वहीं पूरे जिले में पानी की किल्लत देखने को मिल रही है. नवागढ़ ब्लॉक के 50 से ज्यादा गावों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर रहा है.

इस दौरान लोगों को कई किलोमीटर दूर जाकर पीने के लिए पानी लाना पड़ता है. बच्चे हो या बड़े हर वर्ग पानी के लिए पसीना बहाते नजर आते हैं. जहां कहीं टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है, वहां लोगों को जरूरत के बराबर पानी नहीं मिल पा रहा है. कहीं तालाब का पानी तो कहीं कुएं के सहारे लोग जी रहे हैं. वहीं कई ग्रामीण तो दूसरे गांवों के सहारे हैं. पानी की समस्या ऐसी कि लोग गांवों में अपनी लड़कियां ब्याहने के लिए भी सोचते हैं.



मालूम हो कि जिले में अल्प वर्षा की वजह से जलस्तर नीचे गिरने के कारण जिले के करीब 117 गांवों में लगाए गए सभी हैंडपंप बंद हो चुके हैं, जिसमें बेमेतरा में 12, नवागढ़ में 72, साजा में 32 और बेरला में एक गांव प्रभावित हैं. कुल मिलाकर जिले के 689 गांवों में लगाए गए 4896 हैंडपंप में से 1340 हैंडपंप बेकार हो चुके हैं. इसके अलावा अन्य कारणों से 65 हैंडपंप खराब हैं.
केवल हैंडपंप ही नहीं पावर पंप भी जवाब देने लगे हैं. जिले में लगाए गए 2098 पावर पंपों में से 220 बंद पड़े हुए हैं. नवागढ़ क्षेत्र के गांवों में लगाए गए 717 पावर पंपों में से 138 पावर पंप बेकार हो चुके हैं. साजा में 579 पावर पंप में से 59 पावर पंप बंद हैं. बेमेतरा और बेरला विकासखंड में स्थिति थोड़ी ठीक है, बेमेतरा में जहां केवल 16 पावर पंप बंद हैं. वहीं बेरला में 7 पावर पंप बंद हैं, तो वहीं जलस्तरी नवागढ़ विकासखंड में जलस्तर औसत से 34.10 मीटर तक और साजा विकासखंड में जलस्तर औसत से 30 मीटर तक नीचे जा चुका है. बेमेतरा और बेरला विकासखंड में भी जलस्तर औसत से 27 से 30 मीटर तक नीचे चला गया है.

वहीं इस बार कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने जिले सभी रेत खदानों को निरस्त कर शिवनाथ नदी पर सभी एनीकटों को वेल्डिंग करा दिया है. साथ ही जिले में मीठे पानी के लिए जिले के 150 गांवों को पानी पहुंचाने की स्कीम को सफल बनाने में लगे हैं, लेकिन नवागढ़ की हालत से वे भी मान रहे हैं. हर तरह से पानी पहुंचाने के लिए कार्य योजना बनाकर तैयार होने की बात कही है.
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