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बीजापुर: वन मंत्री समर्थक भाजपा नेताओं पर किसान से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप

पत्रकारवार्ता में जानकारी देते कांग्रेसी.

पत्रकारवार्ता में जानकारी देते कांग्रेसी.

छत्तीसगढ़ सरकार में वन मंत्री महेश गागड़ा के समर्थकों पर बीजापुर जिला कांग्रेस कमेटी ने जमीन खरीद फरोख्त के एक मामले मे ...अधिक पढ़ें

    छत्तीसगढ़ सरकार में वन मंत्री महेश गागड़ा के समर्थकों पर बीजापुर जिला कांग्रेस कमेटी ने जमीन खरीद फरोख्त के एक मामले में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के बीजापुर जिला मंत्री गोपाल पवार व युवा मोर्चा के महामंत्री गौतम राव ने एक किसान की मजबूरी का फायदा उठाकर उससे लाखों रुपये की धोखाधड़ी की. पूरे मामले को लेकर पत्रवार्ता के दौरान कांग्रेस ने उस पीड़ित परिवार को भी मीडिया के सामने लाया, जिसकी आठ एकड़ जमीन की सौदेबाजी में जिलामंत्री गोपाल पवार की मुख्य भूमिका बताई गई.

    इसी तरह वनमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक महेश गागड़ा के नाम पर युवा मोर्चा के महामंत्री गौतम राव द्वारा पीड़ित परिवार से दबाव पूर्वक 9 लाख रुपये ऐंठने के आरोप कांग्रेस ने लगाए. यह मामला साल 2017 का बताया जा रहा है. बीजापुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत ईटपाल निवासी बहादुर ठाकुर को अंधेरे में रखकर भाजपा के जिला मंत्री गोपाल पवार ने उनकी आठ एकड़ जमीन का सौदा कर डाला, जिसमें तीन एकड़ जमीन की फर्जी तरीके से गोपाल पवार ने अपने नाम करवा ली.

    कांग्रेस नेता विक्रम मंडावी के अनुसार साल 2017 में बहादुर ठाकुर की छोटी पुत्री एकता ठाकुर का विवाह तय हुआ था. विवाह संपन्न कराने उन्हें दो लाख रुपयों की आवश्यकता थी. उनकी इसी परिस्थिति का फायदा भाजपा जिला मंत्री गोपाल पवार ने उठाया. 15 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से पहले तो पांच एकड़ जमीन का सौदा तेंदूपत्ता व्यवसायी रहमान से किया. सौदेबाजी के बाद एक मुस्त रकम ना देकर किस्तों में रकम अदा करना क्रेता रहमान के साथ तय हुआ था, जिसके बाद खरीददार रहमान ने बतौर पहली किस्त 37 लाख रुपये गोपाल पवार को दिए, जिसमें से पवार ने पूरी रकम ना देकर 9 लाख रूपए ही बहादुर को दिए.

    विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया कि जमीन की सौदेबाजी में ना सिर्फ मालिकाना हक प्राप्त बाहुदर को पवार ने गुमराह किया. बल्कि तेंदूपत्ता व्यवसायी रहमान को भी अंधेरे में रखा गया था, जिसका बाद में भंडाफोड़ हो गया. 37 लाख रुपये देने के बाद रहमान को ज्ञात हुआ कि वह जमीन दरअसल गोपाल की नहीं बल्कि बहादुर की है. इसके बाद रहमान से जब पीड़ित परिवार ने खुद संपर्क किया तो असलियत मालूम पड़ने पर दूसरी किस्त के रूप में 17 लाख रुपये का चेक उसने बहादुर को दिया, लेकिन यहां भी रुपये ऐंठने का सिलसिला जारी रहा.

    विक्रम के मुताबिक पवार द्वारा 28 लाख रुपये दबाने के बाद भाजपा के युवा मोर्चा महामंत्री गौतम राव ने चेक की भनक लगते ही बहादुर पर रुपये देने दबाव डालना शुरू कर दिया. कांग्रेस का आरोप है कि वन मंत्री महेश गागड़ा हवाला देते गौतम ने 9 लाख रुपये देने परिवार पर दबाव डाला. बहादुर ने साढ़े 8 लाख रूपए चेक तथा नकद आहरण से डेढ़ लाख रुपये गौतम को दिए. इधर किसान बहादुर ने मीडिया को बताया कि गौतम द्वारा दबाव पूर्वक रुपये ऐंठने की बात सार्वजनिक ना हो, इसलिए देवी-देवताओं की कसमें खिलाने के साथ-साथ रसूख का रौब भी दिखाया गया. मामले में कोतवाली थाने में शिकायत की गई है.

    मामले में भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री गौतम राव का कहना है कि सारे आरोप निराधार हैं. इस मामले से उसका कोई लेना देना नहीं है. भाजपा के बीजापुर जिला मंत्री गोपाल पवार से भी बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया. कांग्रेस ने मामले में जल्द कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बैठने की बात कही है.

    Tags: Bijapur news, Chhattisgarh news, Raipur news

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