बीजापुर में ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी 15 गांवों की लाइफ लाइन

छत्तीसगढ़ के बीजापुर के 15 गांवों के 10 हजार से अधिक बाशिंदों को राहत दिलाने जिस सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, वही सड़क अब इन बाशिंदों के लिए मुसीबत बनने वाली है.

Mukesh Chandrakar | News18 Chhattisgarh
Updated: June 5, 2019, 8:03 PM IST
बीजापुर में ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी 15 गांवों की लाइफ लाइन
सड़क का अधूरा निर्माण.
Mukesh Chandrakar | News18 Chhattisgarh
Updated: June 5, 2019, 8:03 PM IST
छत्तीसगढ़ के बीजापुर के 15 गांवों के 10 हजार से अधिक बाशिंदों को राहत दिलाने जिस सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, वही सड़क अब इन बाशिंदों के लिए मुसीबत बनने वाली है. दरअसल कई सालों की मांग के बाद आवापल्ली से उसूर सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया था. निर्माण कार्य शुरू होने के चंद दिनों के भीतर ही रोक दिया गया. अब सड़क और पुल पुलिए के निर्माण के लिए जिन गड्ढों को खोदा गया था. वो उसी हाल में हैं. ऐसे में मानसून के शुरू होते ही ये गड्ढे इस इलाके के बाशिंदों के लिए मुसीबत का सबब बन जायेंगे.

उसूर ब्लॉक के ब्लॉक मुख्यालय आवापल्ली से उसूर को पक्के सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए इस इलाके के बाशिंदों की लम्बी और पुरानी मांग थी. इसी मांग को पूरा करते हुए सरकार ने आरआरपी 2 के तहत इस सड़क के निर्माण की स्वीकृति दे दी थी. 1 अक्टूबर 2018 को पीडब्ल्यूडी द्वारा इस सड़क का निर्माण कार्य भी शुरू किया गया. की स्टोन इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू करने के चार महीने के भीतर ही बंद कर दिया गया. इस दौरान कंपनी द्वारा 8 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बनने वाली साढ़े 12 किलोमीटर की इस सड़क के निर्माण के लिए सैंकड़ों गड्ढे खोद दिए गये हैं.

इनके लिए मुसिबत
सुरक्षा का हवाला देकर इस सडक के निर्माण में विभाग और कंपनी ने अपने हाथ खड़े कर दिए. अब से कुछ दिनों बाद ही मानसून अपनी दस्तक देगा. जिसके बाद उसूर और इससे लगे नडपल्ली, गलगम, नम्बी, पुजारीकंकेर, कोत्तापल्ली, मलेम्पेंटा, मारुडबाका, भूसापुर, टेकमेटला, पेरमपल्ली, गुनलावागु और पुस्बाका सहित 14 से अधिक गांवों में बसने वाले करीब 10,000 बाशिंदों की लाइफलाइन कही जाने वाली ये सडक मुसीबत का सबब बन जायेगी.

हादसों की आशंका
इस सड़क पर सफर करने वाले मुसाफिरों में शामिल त्रिवेण दुर्गम, तिरुपति और अन्य का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य शुरू होते ही उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था, मगर निर्माण कार्य के रुकते ही वे मायूस हो गये. अब लोग सड़क निर्माण कार्य में प्रशासन द्वारा बरती जा रही बेरुखी रव्वैय्ये से काफी नाराज़ हैं. मुसाफिरों की मांग है कि मानसून से पहले कम से कम सड़क निर्माण के लिए खोदे गये गड्ढों को भर दें. वरना मानसून के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने की वजह से कई बड़े हादसे होंगे.

नहीं मिल रही सुरक्षा
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पीडब्ल्यूडी के ईई वीके चौहान का कहना है कि पिछले 5 महीने से पुलिस विभाग के आला अधिकारियों से इस सड़क निर्माण कार्य में लगने वाले मशीनरी और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए फोर्स की मांग की जा रही है. मगर सुरक्षा व्यवस्था मुहैय्या नहीं करवाए जाने के कारण आवापल्ली-उसूर सडक का निर्माण कार्य रोक दिया गया है. वहीं बीजापुर एएसपी दिव्यांग पटेल का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने में किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरती जायेगी.

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First published: June 5, 2019, 8:03 PM IST
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