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बगैर लेबर लाइसेंस के यहां दूसरे राज्यों के मजदूरों से करवाए जा रहे हैं काम

बगैर लेबर लाइसेंस के यहां दूसरे राज्यों के मजदूरों से करवाए जा रहे हैं काम

बगैर लेबर लाइसेंस के यहां दूसरे राज्यों के मजदूरों से करवाए जा रहे हैं काम

बीजापुर में एक कांग्रेस नेता की कंस्ट्रक्शन कंपनी और की स्टोन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी में ठेकेदार द्वारा श्र ...अधिक पढ़ें

    छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक कांग्रेस नेता की कंस्ट्रक्शन कंपनी और की स्टोन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी में ठेकेदार द्वारा श्रम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं. इन दोनों कंपनियों में अधिकांश मजदूर दूसरे प्रदेशों से लाए गए हैं. मजदूरी के लिए दूसरे प्रदेशों से लाए गए इन मजदूरों में से किसी भी मजदूर के पास लेबर लाइसेंस नहीं है.

    बता दें कि लेबर लाइसेंस नहीं होने की वजह से संबंधित ठेकेदार पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाता है और लेबर कोर्ट में ऐसे मामलों की सुनवाई होती है, लेकिन बीजापुर में निर्माण कार्य कर रहीं इन दोनों कंपनियों के रसूख के आगे श्रम विभाग नतमस्तक दिख रहा है. इस कारण श्रम कानून को ठेंगा दिखाकर ये दो कंपनियां गैरकानूनी काम को आसानी से अंजाम दे रहीं हैं. मामले की जानकारी खुद श्रम अधिकारी अशोक चौरसिया ने दी है.

    मालूम हो कि अंतरराज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1989 के तहत एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में मजदूरी करने जाने वाले मजदूरों से लेबर लाइसेंस लेकर संबंधित ठेकदार को श्रम विभाग में जमा करना अनिवार्य होता है. ऐसा नहीं करने पर संबंधित ठेकेदार पर मानव तस्करी जैसे गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होते हैं.

    वहीं मामले में बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं होने की बात कही है. हालांकि उन्होंने सच्चाई का उजागर होने पर विभाग द्वारा कार्रवाई की बात कही है.

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    Tags: Bijapur news, Chhattisgarh news, Congress, Labour department

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