हाईकोर्ट के वकील ने खुद को बताया श्रीराम का वंशज, सुप्रीम कोर्ट से की ये मांग...

Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: August 23, 2019, 11:20 AM IST
हाईकोर्ट के वकील ने खुद को बताया श्रीराम का वंशज, सुप्रीम कोर्ट से की ये मांग...
राम जन्म भूमि विवाद मामले में चल रही सुनवाई पर इस तथ्य को शामिल करने की मांग भी सुप्रीम कोर्ट से की है.

इस संबंध में अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत कर कहा है कि अग्रवाल समाज के पितृ पुरुष महाराजा अग्रसेन भगवान श्री राम के पुत्र कुश के प्रपोत्र हैं.

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देवी-देवताओं को अपना वंशज बताने वालों का सिलसिला थम नहीं रहा है. कोई खुद को हनुमान का वंशजबता रहा है तो कोई खुद को परशुराम का. ऐसा ही एक मामला बिलासपुर से भी आया है. यहं एक शख्स ने खुद को अब भगवान श्री राम का वंशज बता दिया है. बता दें कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता ने भगवान श्री राम का वंशज होने का दावा कर दिया है. कहा जा रहा है कि इस संबंध में अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत कर कहा है कि अग्रवाल समाज के पितृ पुरुष महाराजा अग्रसेन भगवान श्री राम के पुत्र कुश के प्रपोत्र हैं. वहीं उन्होंने राम जन्म भूमि विवाद मामले में चल रही सुनवाई पर इस तथ्य को शामिल करने की मांग भी सुप्रीम कोर्ट से की है.





बिलासपुर के हनुमान ने किया श्री राम का वंसज होने का दावा:
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आपको बता दें कि राम जन्मभूमि विवाद मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान पूछा था कि क्या भगवान श्री राम का कोई वंशज देश या दुनिया में है?  इस पर जयपुर राजघराने की कुमारी दीया ने पूरे वंश वृक्ष और प्रमाण के साथ दावा किया था कि वो और उनका पूरा वंश भगवान श्री राम के पुत्र कुश के कुशवाहा वंश के 307 पीढ़ियों में से हैं. राजघराने की कुमारी दीया के वंशज होने के दावे के बाद देशभर में हलचल सी मच गई. वहीं अब छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता हनुमान प्रसाद अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत कर भगवान श्री राम के वंशज होने का जैसे ही दावा किया वैसे ही पूरे बिलासपुर में ये चर्चा का विषय बन गया.

बिलासपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता हनुमान प्रसाद अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत कर भगवान श्री राम के वंशज होने का जैसे ही दावा किया वैसे ही पूरे बिलासपुर में ये चर्चा का विषय बन गया.


हनुमान प्रसाद अग्रवाल ने अपने दावे की पुष्टि के लिए अग्र भागवत ग्रंथ में उल्लेखित अंश को बतौर साक्ष्य के रूप में सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र के साथ पेश किया है. उनके अनुसार महाराजा अग्रसेन भगवान श्री राम के पुत्र कुश के प्रपोत्र हैं. महाराजा इक्ष्वाकु के कुल में महाराजा माधानता, महाराजा दिलीप, भागीरथ, कुकुत्स्य, महाराजा मारुत, महाराजा रघु, महाराजा दशरथ और भगवान श्री राम का जन्म हुआ. भगवान श्री राम के दो पुत्र लव और कुश थे.  महराज कुश के कुल में महाराज अग्रसेन का जन्म हुआ, उनके पिता महाराजा वल्लभसेन थे. दावा किया जा रहा है कि महाराज अग्रसेन को माता महालक्ष्मी से वरदान प्राप्त होने के बाद से अग्रवाल समाज के लोग है और वे सभी भगवान श्री राम के 34 वीं पीढ़ी के हैं.

हनुमान प्रसाद ने दावा किया है कि अग्र भागवत ग्रंथ महाभारत काल से पहले लिखा गया है. ग्रंथ में एक जगह उल्लेख है कि परीक्षित के पुत्र जनमेजय ने नागों की हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए अग्र भागवत का कथा श्रवण किया.  तब उन्हें नागों की हत्या के दोष से मुक्ति मिली. इस ग्रंथ को वेदव्यास ने ही लिखा है.

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First published: August 23, 2019, 10:52 AM IST
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