'वायरल' हुए विजय बघेल! क्या नाम के ऐलान से पहले पत्ता काटने की है कोशिश?
Bilaspur News in Hindi

'वायरल' हुए विजय बघेल! क्या नाम के ऐलान से पहले पत्ता काटने की है कोशिश?
देश अध्यक्ष के लिए करीब आधा दर्जन नेताओं के नामों की चर्चा है. (File Photot)

मध्यप्रदेश से सांसद वीडी शर्मा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में भी इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि यहां भी प्रदेश भाजपा की कमान सांसदों में से ही किसी एक को सौंपी जा सकती है.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
रायपुर.  बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष (BJP National President ) के रूप में जेपी नड्डा (JP nadda) के कमान संभालते ही चार राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है. पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में वीडी शर्मा की नियुक्त के बाद छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) बीजेपी को भी नए प्रदेश अध्यक्ष का इंतज़ार है लेकिन नाम के ऐलान से पहले ही सोशल मीडिया में सांसद विजय बघेल (Vijay Baghel) को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया है. तो क्या विजय बघेल ही बनेंगे बीजेपी के नये प्रदेश अध्यक्ष ?, इस बात की चर्चा जोरों पर है. मध्यप्रदेश से खजुराहो सांसद वीडी शर्मा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में भी इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि यहां भी प्रदेश भाजपा की कमान सांसदों में से ही किसी एक को सौंपी जा सकती है.


हांलाकि प्रदेश अध्यक्ष के लिए करीब आधा दर्जन नेताओं के नामों की चर्चा है लेकिन विजय बघेल का नाम सुर्खियों में इसलिए है क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा से पहले ही उन्हे सोशल मीडिया (Social Media) में बधाई मिलने लगी है. एक अतिउत्साही बीजेपी के पूर्व विधायक अवधेश चंदेल ने तो बकायता उन्हें टैग करके बधाई दे दी है. हालांकि इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह (Former CM Dr. Raman Singh) का कहना है कि सोशल मीडिया पर बधाई योग्य लोगों को ही दी जा रही है, लेकिन नाम का ऐलान अभी नहीं हुआ है.





तो क्या विजय बघेल ही बनेंगे बीजेपी के नये प्रदेश अध्यक्ष ?


वैसे तो सियासी गलियारों में विजय बघेल के अलावा सांसद संतोष पाण्डेय, अरूण साव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री विष्णुदेव साय, रामविचार नेताम और रमन सिंह के नाम पर भी चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन विजय बघेल को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के कारणों को देखे तो कार्यकर्ताओं के उत्साह को समझा जा सकता है.




- विजय बघेल की ओबीसी वर्ग के तेज-तर्रार नेता की छवी

- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जवाब में हो सकते हैं विजय बघेल​

- मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों का क्षेत्र होते हुए भी दुर्ग लोकसभा में प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटों से जीत हासिल की

- पार्टी का छत्तीसगढ़िया चेहरा

- दुर्ग सांसद होने की वजह से पार्टी कांग्रेस के दिग्गजों के मुकाबले में खड़ा कर दुर्ग की राजनीति में संतुलन के लिए विजय बघेल का नाम आगे आया

- फिलहाल किसी गुट में नहीं लेकिन रमन सिंह गुट से दूरी




इधर प्रदेश अध्यक्ष के नाम के ऐलान से पहले ही इस तरह से सोशल मीडिया में बधाई संदेशों पर कांग्रेस ने तंज कसा है.




बीजेपी की दलील


हालांकि बीजेपी के ही जानकारों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान होने से पहले ही अगर सोशल मीडिया में इस तरह बधाई संदेश वायरल होते है तो ये पार्टी और दावेदार दोनों के लिए अच्छा नहीं है. पार्टी प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने का कहना है कि किसी भी वायरल संदेश को लोग सही समझकर नेताओं के समर्थक उसे फॉलो करने लगते हैं जिससे नुकसान उनके ही नेताओं को होता है.



 कांग्रेस का पलटवार


इधर प्रदेश अध्यक्ष के नाम के ऐलान से पहले ही इस तरह से सोशल मीडिया में बधाई संदेशों पर कांग्रेस ने तंज कसा है. कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी का कहना है कि बीजेपी में गुटबाजी चरम पर है और विजय बघेल अपने ही कार्यकर्ताओं से खुद को अध्यक्ष बनाकर बधाई ले रहे हैं. जबकि आदिवासी अध्यक्ष विक्रम उसेंडी का कार्यकाल खत्म नहीं हुआ है. भारतीय जनता पार्टी में आदिवासियों के प्रति अपमानजन और हीन भावना का ये उदाहरण है. कांग्रेस ने आदिवासियों के अपमान का आरोप लगाया है.






ये भी पढ़ें:  





First published: February 17, 2020, 5:41 PM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading