बाउंसर की टीम जीत की गई पर वह जिंदगी से हार गया

काजू के साथी उसके हर शॉट पर तालियां बजा रहे थे. अचानक काजू को दिल का दौरा पड़ा और जिंदगी की सांसें थम गईं.

News18 Chhattisgarh
Updated: July 16, 2019, 9:52 AM IST
बाउंसर की टीम जीत की गई पर वह जिंदगी से हार गया
अभिषेक उर्फ काजू यादव की क्रिकेट खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.
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Updated: July 16, 2019, 9:52 AM IST
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पीजीबीटी कॉलेज में क्रिकेट का मच चल रहा था. अभिषेक उर्फ काजू यादव चौके और छक्के मार रहा था. काजू के साथी उसके हर शॉट पर तालियां बजा रहे थे. अचानक काजू को दिल का दौरा पड़ा. उसकी हालत ऐसी बिगड़ी कि दोस्तों को उसे घर छोड़कर आना पड़ा. लेकिन घर पहुंचने के बाद काजू पानी पीने के बाद लेटा तो वह लेटा ही रह गया. उसके शरीर में जब कई घंटों तक कोई हरकत नहीं हुई तो परिजन और उसके दोस्त उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे. डॉक्टरों ने नब्ज टटोली, जांच किया और दोनों हाथ बांधकर उसके परिजन को बहुत शांत स्वर में कहा-आपका लड़का मर चुका है. डॉक्टर के इतना कहते ही वहां मौजूद कुछ लोग बेहोश हो गए. यह घटना बिलासपुर के यादव मोहल्ला टिकरापारा की है. काजू के दोस्त उसे प्यार से बाउंसर कहकर बुलाते थे. काजू के दोस्तों के अनुसार वह बहुत अच्छी बाउंसर बॉल डालता था.

काजू पोहा खाकर क्रिकेट खेलने गया था

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यहां काजू की टीम ने पहले बल्लेबाजी की और जब टीम का तीसरा विकेट गिरा तब वह बल्लेबाजी के लिए उतरा. काजू ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए 50 रनों की शानदार पारी खेली.


काजू हर रविवार को अपने दोस्तों के साथ पीजीबीटी कॉलेज के पीछे स्थित मैदान में क्रिकेट खेलने जाता था. रविवार की सुबह वह पोहा खाकर अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने गया था. यहां उसकी टीम ने पहले बल्लेबाजी की और जब टीम का तीसरा विकेट गिरा तब वह बल्लेबाजी के लिए उतरा. काजू ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए 50 रनों की शानदार पारी खेली.

बॉलिंग करते समय पड़ा दौरा

काजू की टीम ने 8 ओवर में 109 रन बनाए. लक्ष्य का पीछा करने उतरी विपक्षी टीम के खिलाफ काजू चौथे ओवर फेंकने के लिए आया था. उसने अपने पहले ओवर की तीन गेंद में बिना रन दिए एक विकेट लिया. लेकिन चौथी गेंद फेंकने के वक्त उसे चक्कर आया और वह यह कहकर कि मुझे अच्छा नहीं लग रहा है, बैठ गया. उसने अपने दोस्तों पीने के लिए पानी मांगा. पानी पीने के बाद सिर में भी पानी डाला और घर ले चलने के लिए कहने लगा. साथियों ने अस्पताल ले जाने कहा तो उसने मनाकर घर चलने की बात कही.

काजू की टीम जीत गई
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घर आने के बाद अपने परिजनों से वह बोला मोबाइल मैदान में रह गया है, ले आओ. मोबाइल लेकर जब उसके परिजन घर पहुंचे तो उसकी पत्नी उमा यादव ने कहा कि ये बात नहीं कर रहे हैं. परिजनों ने नब्ज टटोली. हिलाने, डुलाने के बाद भी जब कोई हरकत नहीं हुई तब उसे हॉस्पिटल ले जाया गया. उधर खत्म हो गया था और उसकी विपक्षी टीम सिर्फ 85 रनों पर ढेर हो गई. काजू की टीम जीत गई, लेकिन वह जिंदगी और मौत से जूझते हुए हार गया.

काजू की 2010 में शादी हुई थी

काजू के चचेरे ससुर संतोष यादव ने बताया कि काजू को हाई ब्लड प्रेशर पहले से था और वह जल्दी थक जाता था. काजू की उमा से 2010 में ही शादी हुई थी. परिवार में पत्नी उमा यादव व 4 साल का बेटा रमन है.

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First published: July 16, 2019, 8:27 AM IST
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