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20 साल बाद भी नहीं दिया रिजल्ट, हाईकोर्ट ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी पर लगाया जुर्माना

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बार-बार सुनवाई टलने पर हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी पर नाराजगी जताते हुए उस पर 10 हजार का काष्ट(जुर्माना) लगा दिया और उस राशि को हाईकोर्ट बार एशोसिएशन को देने निर्देशित किया है.

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की गुरूघासी दास सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने एक छात्र का 20 साल बाद भी रिजल्ट घोषित नहीं किया. पीड़ित छात्र ने रिजल्ट के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी को कई बार आवेदन भी दिया. बावजूद इसके छात्र को उसका रिजल्ट नहीं मिला. रिजल्ट नहीं मिलने से परेशान छात्र ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई. बार-बार सुनवाई टलने पर हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी पर नाराजगी जताते हुए उस पर 10 हजार का काष्ट(जुर्माना) लगा दिया और उस राशि को हाईकोर्ट बार एशोसिएशन को देने निर्देशित किया है.

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दरअसल मामला बिलासपुर के दयालबंद निवासी छात्र किरनपाल चावल का है. उसने बिलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से वर्ष 1997-99 में एमबीए एचआर के दो साल के कोर्स में एडमिशन लिया. उसने चारों सेमेस्टर की पढ़ाई करने के बाद परीक्षा भी दिलाई. उसके बाद किसी कारणों से उसने अपना रिजल्ट नहीं लिया. 2015 में किरनपाल ने यूनिवर्सिटी में रिजल्ट के लिए आवेदन दिया. जो मार्कशीट उसे दी गई उसमे फर्स्ट और सेकेण्ड सेमेस्टर का रिजल्ट दिया गया लेकिन फोर्थ सेमेस्टर और लॉस्ट सेमेस्टर का रिजल्ट नहीं मिला.



पता करने पर जानकारी मिली की उसके दस्तावेज को नष्ट कर दिया गया है. इसके बाद किरनपाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने यूनिवर्सिटी और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. मामले में 14 नवम्बर को सुनवाई होनी थी पर यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता ने सुनवाई के लिए कोर्ट से समय मांगा. सुनवाई टलने पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए यूनिवर्सिटी पर 10 हजार का काष्ट लगाते हुए राशि हाईकोर्ट बार एशोसिएशन को देने का निर्देश दिया है.
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