छत्तीसगढ़: घोषणा पत्र के खिलाफ हाई कोर्ट में लगी याचिका, 72 सीटों पर चुनाव निरस्त करने की मांग

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के बाद बिलासपुर हाई कोर्ट में पहली चुनाव चाचिका दायर की गई है. इस याचिका में राजनीतिक पार्टियों के घोषणा पत्र को लेकर चुनौती दी गई है.

Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: January 11, 2019, 6:43 PM IST
छत्तीसगढ़: घोषणा पत्र के खिलाफ हाई कोर्ट में लगी याचिका, 72 सीटों पर चुनाव निरस्त करने की मांग
प्रतीकात्मक फोटो.
Pankaj Gupte
Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: January 11, 2019, 6:43 PM IST
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के बाद बिलासपुर हाई कोर्ट में पहली चुनाव चाचिका दायर की गई है. इस याचिका में राजनीतिक पार्टियों के घोषणा पत्र को लेकर चुनौती दी गई है. याचिका में कहा गया है कि पार्टियों का घोषणा पत्र सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के अनुसार नहीं है. याचिकाकर्ता के मुताबिक तत्कालीन बिलासपुर कलेक्टर ने भी इस पर सहमति जताई थी.

याचिकाकर्ता के मुताबिक घोषणा पत्र जनता को जागरूक करने के लिए होता है न कि चुनाव में मतदाता को प्रलोभन देने के लिए. साल 2018 के विधानसभा के 72 सीटों के चुनाव निरस्त करने की मांग याचिका में गई है. याचिकाकर्ता शम्भू प्रसाद शर्मा ने आगामी 2019 लोक सभा चुनाव में अंतिरिम आदेश पारित कर गाइडलाइन के अनुसार घोषण पत्र जारी करने के निर्देश देने की मांग की है. कोटा विधायक रेणु जोगी और अन्य 12 को शम्भू की याचिका में पक्षकार बनाया गया है. बता दें कि याचिकाकर्ता शम्भू ने कोरबा सांसद बंसीलाल महतो के निर्वाचन ​के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी.

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