अजीत जोगी ने हाई कोर्ट में दायर की एक और याचिका, FIR निरस्त करने की मांग

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के पूर्व सीएम और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमो अजीत जोगी (Ajit Jogi) एक और मामले में हाई कोर्ट (High Court) की शरण में पहुंचे हैं.

Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: September 10, 2019, 8:46 AM IST
अजीत जोगी ने हाई कोर्ट में दायर की एक और याचिका, FIR निरस्त करने की मांग
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के सुप्रीमो अजीत जोगी एक और मामले में हाई कोर्ट की शरण में पहुंचे हैं. (फाइल फोटो)
Pankaj Gupte
Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: September 10, 2019, 8:46 AM IST
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के पूर्व सीएम और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमो अजीत जोगी (Ajit Jogi) एक और मामले में हाई कोर्ट (High Court) की शरण में पहुंचे हैं. अजीत जोगी ने बिलासपुर (Bilaspur) हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. इसमें उन्होंने खुद के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) को निरस्त करने की मांग की है. अजीत जोगी की जाति को लेकर उनके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज कराई गई है. बिलासपुर के सिविल लाइन पुलिस थाने (Police Station) में तहसीलदार ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.

पूर्व सीएम अजीत जोगी (Akit Jogi) की जाति की जांच को लेकर गठित हाई पावर कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बीते अगस्त माह में सौंप दी थी. इसमें अजीत जोगी को आदिवासी (Tribal) मानने से इनकार कर दिया गया है. इतना ही नहीं कमेटी बिलासपुर कलेक्टर को अजीत जोगी की जाति से संबंधित दस्तावेज जब्त करने के निर्देश के साथ ही मामले में कानूनी कार्रवाई के भी निर्देश दिए थे. इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार ने अजीत जोगी के खिलाफ बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. इसी मामले में अजीत जोगी हाई कोर्ट की शरण में पहुंचे हैं.

इसी सप्ताह हो सकती है सुनवाई
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पूर्व सीएम अजीत जोगी की याचिका पर इसी सप्ताह गुरुवार या शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है. बता दें कि बीते 23 अगस्त को हाई पावर कमेटी ने अजीत जोगी की जाती प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया था. इसके बाद आगे कानूनी कार्रवाई के निर्देश बिलासपुर कलेक्टर को दिए थे. गौरतलब है कि इससे पहले भी अजीत जोगी अलग अलग मामलों में हाई कोर्ट की शरण ले चुके हैं. कुछ एक मामलों में जोगी को कोर्ट से राहत भी मिली है.

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First published: September 10, 2019, 8:31 AM IST
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