HC के आदेश के बावजूद बिलासपुर में नहीं शुरू हुआ रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, कई इलाके डेंजर जोन में तब्दील

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के डिवीजन बैंच ने जनवरी 2019 को प्रदेश में अनिवार्य रूप से वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लागू करने का निर्देश दिया था.

Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: July 22, 2019, 10:52 AM IST
HC के आदेश के बावजूद बिलासपुर में नहीं शुरू हुआ रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, कई इलाके डेंजर जोन में तब्दील
बिलासपुर के टाउनहॉल में बारिश के पानी को इकट्ठा वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए खोदे गए गड्ढे में पहुंचाने वाली पाइप चारों ओर से टूट-फूट गई है.
Pankaj Gupte
Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: July 22, 2019, 10:52 AM IST
छत्तीसगढ़ में लगातार गिरते हुए जल स्तर और वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को जुलाई 2011 में अनिवार्य रूप से लागू करने शासन का आदेश जारी हुआ था. शासन के आदेश के बावजूद भी सिस्टम को सख्ती से लागू नहीं किया गया. इस बारे में राज्य के कोरिया इलाके के निवासी और आरटीआई एक्टिविटिस्ट राजकुमार मिश्रा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर किया था. इस बारे में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के डिवीजन बैंच ने जनवरी 2019 को प्रदेश में अनिवार्य रूप से इसे लागू करने का निर्देश दिया था. इसके साथ ही इसका पालन नहीं किए जाने पर याचिकाकर्ता को दोबारा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की छूट दी थी.

हाईकोर्ट ने 7 महीने पहले ही दिए थे आदेश

High Court-छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 7 महीने पहले ही रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू करने के आदेश दिए थे. इसके बावजूद इसे शुरू नहीं किया जा सका है.


हाईकोर्ट के आदेश को 7 महीने बीत जाने के बावजूद इसे लागू करने में निगम और जिला प्रशासन तत्पर दिख रहा है. आलम यह है कि खुद निगम प्रशासन के बिल्डिंग और जिला कलेक्टर कार्यालय के बिल्डिंग में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम दम तोड़ते हुए नजर आ रहे हैं.

टाउनहॉल के वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम खस्ताहाल

बिलासपुर नगर-निगम के टाउनहॉल की बिल्डिंग 1938 में अंग्रेजों के जमाने में बनाई गई थी. बिल्डिंग की छत भी काफी बड़ी है. इसमें निगम प्रशासन ने मेहरबानी करते हुए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को शुरू तो किया था पर बारिश के पानी को वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए खोदे गए गड्ढे में पहुंचाने वाली पाइप चारों ओर से टूट-फूट गई है. हार्वेस्टिंग का गड्ढा अपने खस्ताहाल की कहानी खुद बयां करता हुआ नजर आ रहा है.

'रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को जनता से अपील करके लागू करवाया जाएगा'
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Water harvesting-वॉटर हार्वेस्टिंग
बिलासपुर ​कलेक्टर आॅफिस में स्थित रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू नहीं हो पाया है


बिलासपुर का जिला कलेक्टर कार्यालय का रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी काम नहीं करता है. वहीं बिलासपुर के कलेक्टर संजय अलंग कहते हैं रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को जनता से ही अपील कर के लागू करवाया जाएगा.

डेंजर जोन में पहुंच चुका तखतपुर और बिल्हा विकासखंड का जलस्तर

आपको बता दें कि भूजल विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार बिलासपुर जिले के तखतपुर और बिल्हा विकासखंड का जलस्तर डेंजर जोन में पहुंच चुका है. बिलासपुर जिला और शहर का जलस्तर भी तेजी से गिरता जा रहा है.

भूजल के विशेषज्ञ का ये है कहना

सीएमडी कॉलेज में भूगोल विभाग के एचओडी और प्रोफेसर चंद्राकर का कहना है कि भूजल की वर्तमान स्थिति को सुधारने के लिये भूजल का स्तर और न गिरे इस दिशा में काम किए जाने के अलावा उचित उपायों से भूजल संवर्धन की व्यवस्था हमें करनी होगी. इसके अलावा, भूजल पुनर्भरण तकनीकों को अपनाया जाना भी आवश्यक है. वर्षाजल संचयन इस दिशा में एक कारगर उपाय हो सकता है.

बिलासपुर के विधायक ने लगाया ये आरोप

बिलासपुर के नगर विधायक शैलेश पाण्डे ने पूर्व विधायक और मंत्री अमर अग्रवाल के ऊपर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि पहले नगर नियम का काम निगम कार्यालय से नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति के बंगले से चलता था. विधायक पाण्डे ने कहा कि जल संकट पूरे देश भर में है. उन्होंने सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों के 30-35 करोड़ रुपये रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के नाम पर जमा कराए गए तो उस पैसे से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम क्यों नहीं बनवाया गया.

शैलेश पाण्डे ने कहा है कि सरकारी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगना ही चाहिए, इसके लिए वे निर्देश जारी करेंगे. इसका पालन नहीं करने वालों पर नगर निगम सख्त कार्रवाई करेगा.

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First published: July 22, 2019, 10:52 AM IST
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