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नाराज पत्नी घर छोड़ दे तो पति नहीं होगा तलाक का हकदार, हाई कोर्ट का अहम फैसला

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने तलाक के लिए लगी याचिका पर अहम टिप्पणी की है.

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने तलाक के लिए लगी याचिका पर अहम टिप्पणी की है.

Chhattisgarh High Court News: छत्तीसगढ़ की बिलासपुर हाई कोर्ट ने तलाक के लिए लगाई गई एक याचिका पर अहम फैसला दिया. कोर्ट ...अधिक पढ़ें

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पति की ओर से तलाक के लिए लगाई गई याचिका पर अहम फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना निर्णय दिया है. बिलासपुर हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि यदि प्रताड़ना से तंग आकर या नाराज होकर पत्नी घर छोड़ देती है तो पति तलाक पाने का हकदार नहीं हो सकता है. ऐसे मामलों में पत्नी की ओर से उठाए गए कानूनी कदम सही हैं.  उच्च न्यायालय ने अपनी इस टिप्पणी के साथ पति की अपील याचिका खारिज कर दी है. मामला कोरिया जिले से जुड़ा है.

प्रकरण के मुताबिक कोरिया जिले के चिरमिरी निवासी उत्तम राम की शादी सूरजपुर जिले की रहने वाली कायसों बाई के साथ 25 साल पहले हुई थी. शादी के 7 साल बाद उत्तम दूसरी महिला को अपने घर ले कर आ गया. उसी के साथ रहने लगा. इससे तंग व नाराज होकर पत्नी कायसों बाई अपने मायके चली गई और वहीं रहने लगी. पत्नी के चले जाने के बाद पति उत्तम ने कोरिया के फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए आवेदन दिया. इसमें पति की ओर से पत्नी द्वारा एडजस्ट नहीं कर पाने को आधार बनाया गया. फैमिली कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई हुई. इसके बाद फैमिली कोर्ट ने तलाक के आवेदन को निरस्त कर दिया.

हाई कोर्ट में दी चुनौती
फैमिली कोर्ट के फैसले को उत्तम की ओर से हाई कोर्ट में चुनौती दी गई. इस प्रकरण की सुनवाई जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस रजनी दुबे की डिवीजन बेंच में हुई. इसी महीने हुई सुनवाई में कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को सही मानते हुए तलाक की अर्जी की याचिका खारिज कर दी. प्रकरण के मुताबिक पति उत्तम की ओर से वकील ने कोर्ट से कहा कि पत्नी घर छोड़कर चली गई है. उत्तम और कायसों के तीन बच्चे हैं. पत्नी एडजस्ट नहीं कर रही है. इससे परिवार चलने में परेशानी हो रही है. इसलिए उत्तम को तलाक दिया जाए.

पत्नी की ओर से जवाब में कहा गया कि पति उत्तम आए दिन उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देता था. लेकिन उसने किसी को नहीं बताया और सहती रही. इसके बाद पति दूसरी महिला को घर लेकर आ गया. इसके बाद उसने तंग आकर घर छोड़ा. दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने अपनी टिप्पणी दी. कोर्ट ने कहा कि विवाहित पति और पत्नी के मामले में इस परिस्थिति में एडजेस्टिंग का प्रकरण नहीं बनता है. जिन परिस्थितियों में महिला ने यह कदम उठाया, वह सही था.

Tags: Bilaspur news, High Court Comment

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