Home /News /chhattisgarh /

'छुट्टी चाहिए तो मुझसे अकेले में मिलो' कहना मात्र लैंगिक शोषण नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

'छुट्टी चाहिए तो मुझसे अकेले में मिलो' कहना मात्र लैंगिक शोषण नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

Bilaspur High Court News: लैंगिक शोषण के एक मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की है.

Bilaspur High Court News: लैंगिक शोषण के एक मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की है.

Chhattisgarh News: एक मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट (Bilaspur High Court) ने टिप्पणी की है कि 'अगर छुट्टी चाहिए तो मुझसे कल अकेले में आकार मिलिए' कहना मात्र लैंगिक शोषण नहीं माना जा सकता. इसके साथ ही कोर्ट ने थाने में दर्ज FIR को भी निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि एससीएसटी एक्ट का फायदा उठाने के लिए लगाया गया आरोप निराधार है.

अधिक पढ़ें ...

बिलासपुर. ‘अगर छुट्टी चाहिए तो मुझसे कल अकेले में आकार मिलिए’  कहना मात्र लैंगिक शोषण नहीं माना जा सकता, यह टिप्पणी हाईकोर्ट (Bilaspur High Court) जस्टिस एनके व्यास के सिंगल बेंच ने लैंगिक शोषण से संबंधित एक मामले पर दिए अपने फैसले में किया है. महिला सहायक प्रोफेसर द्वारा महिला थाना बिलासपुर में दर्ज एफआईआर की कार्रवाई और एफआईआर को निरस्त कर दिया है. एफआईआर में एससीएसटी एक्ट की धारा भी जुड़ी हुई थी, जिसे भी हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया. दरअसल, याचिकाकर्ता प्रोफेसर डीपी विप्र कॉलेज बिलासपुर में पदस्थ हैं. उन्होंने हाईकोर्ट में एडवोकेट बीपी शर्मा के माध्यम से याचिका दायर की. याचिका में उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ एक सहायक महिला प्राध्यापक ने महिला थाने में धारा 354 ए और अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 संशोधित अधिनियम 2015 की धारा 3(1)(xii) के तहत अपराध दर्ज कराई हैं.

यह पूरी तरह से झूठा और कानून का फायदा उठाने के लिए किया गया है. क्योंकि 8 फरवरी 2012 को महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने प्राचार्य के चेंबर में गाली गलौच दिया था, उसके लिए वे गवाह थे. क्योंकि उस मामले में  अधिनस्थ न्यायालय ने 33 प्राध्यापकों को सजा और जुर्माना लगाया था. इसलिए उस मामले से नाराज होकर उन्हें फंसाने के लिए 25 जून 2018 को इस तरह की एफआईआर दर्ज करवाई गई है. पूरे महाविद्यालय परिसर में सीसी टीवी कैमरे लगे हैं.

हाईकोर्ट ने की अहम टिप्पणी

हाईकोर्ट ने शिकायत को झूठी पाते हुए पंजीबद्ध अपराध को निरस्त किए जाने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि एससीएसटी एक्ट का फायदा उठाने के लिए लगाया गया आरोप निराधार है, ऐसा नहीं करना चाहिए.

नौकरी का सुनहरा मौका

छत्तीसगढ़ के बस्तर, सुकमा, नारायणपुर जिलों में पांचवीं पास के लिए बंपर भर्तियां निकली हैं. बस्तर, सुकमा और नारायणपुर के कलेक्टर ने असिस्टेंट ग्रेड III चपरासी के पदों पर भर्ती निकाली है. इसमें बस्तर में चपरासी के पद पर 38 वैकेंसी है. जबकि सुकमा जिले में 207 और नारायणपुर में 60 वैकेंसी है. सभी जिलों में चपरासी के पदों पर भर्ती के लिए अलग-अलग विज्ञापन जारी हुए हैं. बस्तर और सुकमा और नारायणपुर में चपरासी के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 23 नवंबर 2021 है.

ये भी पढ़ें: Indian Railways: दिसंबर तक चलेगी हटिया-दुर्ग सुपरफास्ट ट्रेन, सूरत जाने मिलेगी पूजा स्पेशल गाड़ी 
नोटिफिकेशन के अनुसार, चपरासी के पदों पर आवेदन के लिए सामान्य वर्ग को 350 रुपये, ओबीसी को 250 रुपये और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को 200 रुपये आवेदन शुल्क देने होंगे.

Tags: Bilaspur news, Chhattisgarh High court, Chhattisgarh news, Sexual Abuse

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर