हाईकोर्ट ने सरकार को दिए जेल व्यवस्था की लेटेस्ट रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

याचिका में जेल सुधार, जेलों में बंद क्षमता से अधिक कैदियों का मामला और अन्य बुनियादी सुविधाओं का जिक्र किया गया है.

Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: September 11, 2018, 5:39 PM IST
हाईकोर्ट ने सरकार को दिए जेल व्यवस्था की लेटेस्ट रिपोर्ट पेश करने के निर्देश
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
Pankaj Gupte
Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: September 11, 2018, 5:39 PM IST
बिलासपुर हाईकोर्ट चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी के डिवीजन बैंच में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश ,हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान और 2013 में लगाए गए शिवराज सिंह की जनहित याचिका में सुनवाई हुई. याचिका में जेल सुधार, जेलों में बंद क्षमता से अधिक कैदियों का मामला और अन्य बुनियादी सुविधाओं का जिक्र किया गया है. मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने शासन को लेटेस्ट रिपोर्ट जनवरी तक प्रस्तुत करने निर्देश दिए है. मामले में अगली सुनवाई जनवरी में होगी.

बता दें कि बिलासपुर हाईकोर्ट में 2013 को शिवराज सिंह ने जनहित याचिका लगाई थी. इसमे कहा गया था कि प्रदेश भर के जेलों में बंद कैदियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. जैसे की क्षमता से अधिक कैदियों को जेलों में बंद रखा गया है. जंहा 1500 कैदियों को रखने की क्षमता है वहां पर ढाई से 3 हजार कैदियों को रखा गया है. सोने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और स्वास्थ्य व्यवस्था भी जेलो में बदहाल है. इतना ही नहीं कैदियों के लिए शौचालय की भी ठीक व्यस्था नहीं है. इन सभी मुद्दों को लेकर शिवराज ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. साथ ही 2015 में हाईकोर्ट ने भी प्रदेश के जेलों को लेकर स्वतः संज्ञान लिया था. सुप्रीम कोर्ट में भी मामला चल रहा है. सूत्रों के मुताबिक सुप्रीमकोर्ट ने देश भर के हाईकोर्ट में जेल सुधार को लेकर निर्देश दिया गया है. इसमे मंगलवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में भी सुनवाई हुई. अब इस मामले में अगली सुनवाई जनवरी में होगी.
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