शिक्षाकर्मी की गिरफ्तारी को कोर्ट ने माना अवैध, शासन को देना होगा 15 लाख का मुआवजा

साथ ही आदेश में कहा है कि राज्य शासन को अवैध गिरफ्तारी और अधिकारियों की गलती पर पीड़ित परिवार को मुआवजा देना पड़ेगा.

Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: July 20, 2019, 9:49 AM IST
शिक्षाकर्मी की गिरफ्तारी को कोर्ट ने माना अवैध, शासन को देना होगा 15 लाख का मुआवजा
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रेप के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी राजेश साहू ने कोर्ट में डीएनए टेस्ट की मांग की है.
Pankaj Gupte
Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: July 20, 2019, 9:49 AM IST
एसडीएम से विवाद के बाद एक शिक्षाकर्मी की गिरफ्तारी की जाती है. गिरफ्तारी के 3 दिनों के बाद उसे शिक्षाकर्मी की मौत गई. मौत के बाज पड़ित परिवाक ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई. शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस गौतम भादुड़ी के सिंगल बैंच ने एक बड़ा आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद आदेश में शिक्षाकर्मी की गिरफ्तारी को अवैध माना है. साथ ही आदेश में कहा है कि राज्य शासन को अवैध गिरफ्तारी और अधिकारियों की गलती पर पीड़ित परिवार को मुआवजा देना पड़ेगा.

15 लाख का मुआवजा दे सरकार: हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने राज्य शासन को आदेश देते हुए पीड़ित परिवार को 15 लाख का मुआवजा देने कहा है. 15 लाख में माता-पिता को 4 लाख, पत्नी को 6 लाख और बेटी को 5 लाख रुपए देने के निर्देश दिए है. साथ ही इस मुआवजा की राशि को दोषी एसडीएम, तहसीलदार और बिलासपुर सेंट्रल जेल के कुछ दोषी अधिकारियों से वसूल करने राज्य शासन को छूट दी गई है.

ये है पूरा मामला

बता दें कि पथरिया के हाई स्कूल में शिक्षाकर्मी वर्ग -1 में पदस्थ विजय डड़सेना का एसडीएम से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 151 के तहत विजय को गिरफ्तार कर लिया. विजय ने तहसीलदार के पास जमानत की याचिका लगाई जिसे तहसीलदार ने खारिज कर दिया और उसे बिलासपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया. उसके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 107, 116 और 151 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था.

पांचों की मौत
आदेश में कहा है कि राज्य शासन को अवैध गिरफ्तारी और अधिकारियों की गलती पर पीड़ित परिवार को मुआवजा देना पड़ेगा.


विजय के इस गिरफ्तारी की बात जब माता पिता को चली तब वे बिलासपुर के सेंट्रल जेल गए. जहां उन्हें बताया गया कि विजय सिम्स में है. सिम्स जाने पर माता -पिता को बेटे की लाश मिली. माता-पिता ने जेल में बेटे के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए 2009 में ही हाईकोर्ट में याचिका दायर किया था. हाईकोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद नोटिस जारी कर विजय के मौत का रिपोर्ट तलब किया. मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने विजय की गिरफ्तारी को अवैध मानते हुए उसके परिजनों को 2 माह के अंदर 15 लाख का मुआवजा देने का बड़ा आदेश दिए है.
Loading...

ये भी पढ़ें: 

छत्तीसगढ़: अंडे पर सियासत के बीच आया मोहन मरकाम का खुला खत, BJP को किया ये चैलेंज 

बैठक नहीं यहां चल रही थी शराब पार्टी, मामला सामने आने के बाद अधिकारी ने की ये कार्रवाई  

 
First published: July 20, 2019, 9:23 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...