हाईकोर्ट ने सहायक प्राध्यापक भर्ती की जारी संशोधित चयन सूची पर लगाई रोक

हाईकोर्ट ने सहायक प्राध्यापकों के 708 पदों पर भर्ती के लिए जारी संशोधित चयन सूची पर रोक लगा दी है.दरअसल पीएससी ने 12 जुलाई 2017 को चयन सूची जारी की गई थी.हाईकोर्ट में पूर्व में प्रस्तुत की गई याचिकाओं पर दिए गए फैसले के परिपालन में पीएससी ने संशोधित चयन सूची जारी की َथी.

Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: September 12, 2018, 5:05 PM IST
हाईकोर्ट ने सहायक प्राध्यापक भर्ती की जारी संशोधित चयन सूची पर लगाई रोक
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
Pankaj Gupte
Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: September 12, 2018, 5:05 PM IST
हाईकोर्ट ने सहायक प्राध्यापकों के 708 पदों पर भर्ती के लिए जारी संशोधित चयन सूची पर रोक लगा दी है.दरअसल पीएससी ने 12 जुलाई 2017 को चयन सूची जारी की गई थी.हाईकोर्ट में पूर्व में प्रस्तुत की गई याचिकाओं पर दिए गए फैसले के परिपालन में पीएससी ने संशोधित चयन सूची जारी की َथी.कुछ अभ्यर्थियों ने इसे भी चुनौती दी है.पीएससी ने 25 अगस्त 2018 को संशोधित चयन सूची जारी की और जुलाई 2017 के नतीजों के आधार नौकरी कर रहे कुछ सहायक प्राध्यापकों को सुनवाई का मौका दिए बगैर अपात्र घोषित कर दिया. इसके खिलाफ प्रमिला साहू, मेघनाथ पटेल, नारायण राव व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिकाएं लगाई. जस्टिस पी सैम कोशी की बेंच ने पीएससी द्वारा 25 अगस्त 2018 को जारी इस संशोधित चयन सूची पर रोक लगा दी है.साथ ही पीएससी, यूजीसी समेत अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

विदित हो कि छत्तीसगढ़ पीएससी ने सितंबर 2014 में विभिन्न विषयों में सहायक प्राध्यापकों के रिक्त 708 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था. शैक्षणिक योग्यता के रूप में नेट/ स्लेट पास होना अनिवार्य था.यूजीसी के नियम 2009 के तहत पीएचडी की डिग्री रखने वालों को इस नियम में छूट दी गई थी. इसके खिलाफ लगाई गई याचिकाएं हाईकोर्ट ने 3 जुलाई 2015 को खारिज कर दी थीं. पीएससी ने 20 और 21 मई 2016 को लिखित परीक्षा की तारीख तय की. इधर यूजीसी ने 4 मई 2016 को 2009 के रेग्युलेशन को संशोधित कर दिया. पूर्व के रेग्युलेशन के तहत अपात्र ठहराए गए अभ्यर्थियों ने फिर से याचिकाएं लगाईं.हाईकोर्ट ने इन याचिकाकर्ताओं की अलग से परीक्षा लेने के निर्देश दिए थे.

वहीं पीएससी ने ऑनलाइन परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर 12 जुलाई 2017 को चयन सूची जारी की.इसके बाद 23 अगस्त 2017 को सिर्फ वाणिज्य विषय की संशोधित चयन सूची जारी की गई. दोनों चयन सूची में शामिल अभ्यर्थियों को नियुक्ति भी दे दी गईं. इसके बाद यूजीसी द्वारा 4 मई 2016 को संशोधित रेग्युलेशन को आधार बनाते हुए कुछ अभ्यर्थियों ने फिर से हाईकोर्ट में याचिका लगाई. हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को पीएससी के समक्ष अभ्यावेदन देने का निर्देश देते हुए याचिकाएं निराकृत कर दीं. पीएससी ने यूजीसी के 2016 में रेग्युलेशन संशोधित करने के आधार पर दावा करते हुए प्रस्तुत आवेदनों को मंजूर करते हुए उनकी परीक्षाएं लीं, जबकि वे अभ्यर्थी 2014 में जारी विज्ञापन की शर्तों के तहत अपात्र ठहराए गए थे.
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