शासन को देनी होगी कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा की जानकारी, HC का निर्देश

राज्य शासन को 4 सप्ताह में चाइल्ड केयर फेसिलिटी और प्रदेश के न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा को लेकर कंपलीट जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है.

Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: July 19, 2019, 9:53 AM IST
शासन को देनी होगी कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा की जानकारी, HC का निर्देश
हाईकोर्ट ने राज्य शासन को 4 सप्ताह में जवाब पेश करने कहा है. (फाइल फोटो)
Pankaj Gupte
Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: July 19, 2019, 9:53 AM IST
नाबालिग दुष्कर्म पीड़ितों के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बयान कराए जाने का राज्य में सही तरीके से पालन नहीं किए जाने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा दायर की गई जनहित याचिका में सुनवाई हुई. गुरूवार को इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य शासन को 4 सप्ताह में चाइल्ड केयर फेसिलिटी और प्रदेश के न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा को लेकर कंपलीट जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है.

सामाजिक कार्यकर्ता की जनहित याचिका पर फैसला

इससे पहले 10 अप्रैल की सुनवाई के दौरान जवाब प्रस्तुत कर बताया गया था कि राज्य के कारीबन 22 जिला न्यायालयों में इसकी सुविधा को शुरू कर दिया गया है, 5 में काम होना बाकी है. बता दें कि जांजगीर- चांपा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता संतरा काठे और अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर किया है. याचिका में कहा गया है कि नाबालिगों के साथ होने वाले दुष्कर्म के मामलो की विवेचना और सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है. इसमे सुप्रीम कोर्ट ने दो महत्वपूर्ण निर्देश दिए है. पहला सभी जिला मुख्यालय में विशेष जुवेनाइल पुलिस यूनिट का गठन और दूसरा नाबालिग पीड़ितों का वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही ट्रायल के दौरान बयान लिया जाए. दोनों ही निर्देश का अब तक सही तरीके से पालन नहीं किया गया है. मामले की अगली सुनवाई अब 4 सप्ताह के बाद होगी.

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First published: July 19, 2019, 9:52 AM IST
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