नाबालिग को हाईकोर्ट से मिली अबॉर्शन की अनुमति, भ्रूण का DNA सुरक्षित रखने के निर्देश

कोर्ट ने एमटीपी एक्ट (MTP Act) के तहत ये फैसला लिया है. अनुमति मिलने के बाद एक्सपर्ट डॉक्टर्स (Expert Doctors) की टीम नाबालिग का गर्भपात करेगी.

Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: August 28, 2019, 11:29 AM IST
नाबालिग को हाईकोर्ट से मिली अबॉर्शन की अनुमति, भ्रूण का DNA सुरक्षित रखने के निर्देश
कर्मचारी की मौत के बाद परिवार वालों को लड़ी कानूनी लड़ाई. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Pankaj Gupte
Pankaj Gupte | News18 Chhattisgarh
Updated: August 28, 2019, 11:29 AM IST
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुष्कर्म (Rape) पीड़ित नालाबिग किशोरी (Minor Rape Victim) को गर्भपात (Abortion) की अनुमति दे दी है. कोर्ट ने एमटीपी एक्ट (MTP Act) के तहत ये फैसला लिया है. कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद अब महासमुंद के एक्सपर्ट डॉक्टर्स (Expert Doctors) की टीम नालाबिग का अबॉर्शन करेगी. इसके साथ ही कोर्ट ने भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है. बता दें कि महासमुंद (Mahasamund) की रहने वाली एक नाबालिग लड़की को घर से पास पड़ोस में रहने वाले एक शख्स ने अपने हवस का शिकार बनाया था. इसके बाद लड़की गर्भवति हो गई थी. फिर किशोरी ने अपने मां के जरिए कोर्ट में एक याचिका दायर कर अबॉर्शन की अनुमति मांगी थी.

कोर्ट ने दिया ये अहम निर्देश:

मिली जानकारी के मुताबिक महासमुंद की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी ने अपनी मां के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गर्भपात की अनुमति मांगी थी. नाबालिग की इस याचिका पर कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने MTP एक्ट (Medical Termination of Pregnancy Act) के तहत गर्भ के 20 सप्ताह से कम 17 सप्ताह 1 दिन होने के कारण किशोरी को गर्भपात करवाने की अनुमति दे दी है. किशोरी के गर्भपात के लिए हाईकोर्ट ने जिला अस्पताल महासमुंद में एक्पर्ट सीनियर डॉक्टरों के द्वारा किये जाने का निर्देश दिया है.

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कोर्ट ने एमटीपी एक्ट (MTP Act) के तहत ये फैसला लिया है. भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखने के निर्देश दिए है. (Demo pic).


 भ्रूण का डीएनए रखा जाएगा सुरक्षित:

इस मामले में कोर्ट ने भ्रूण के डीएनए को भी सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए है. दरअसल, महासमुंद जिले की रहने वाली किशोरी का पड़ोस में रहने वाले विवाहित कमलेश ने कई बार दुष्कर्म किया था. बाद में किशोरी को शारिरिक समस्या आने के बाद उसकी मां ने उसका चेकअप करवाया. इसमे पता चला कि किशोरी का ग्रभ ठहर गया है. इसके बाद परिजनों ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया. इधर, किशोरी की ने गर्भ ठहरने पर मां के माध्यम से गर्भपात कराने की अनुमति के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर करते हुए गर्भपात करवाने की अनुमति दे दिया है.

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First published: August 28, 2019, 11:29 AM IST
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