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एग्जाम क्लीयर करने के बावजूद नहीं मिला PSC कैंडिडेट को पद, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

एग्जाम क्लीयर करने के बावजूद नहीं मिला PSC कैंडिडेट को पद, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया था और निचली अदालत में याचिका दायर की थी. (File photo)

आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया था और निचली अदालत में याचिका दायर की थी. (File photo)

मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट जस्टिस पीसेम कोशी के सिंगल बैंच ने एक पद रिक्त रखने का आदेश दिया है.

लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित की गई 2016 में विभिन्न पदों की परीक्षा में पुलिस उप अधीक्षक की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली चारुचित्र ने हाईकोर्ट में याचिका दायर किया था. मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट जस्टिस पीसेम कोशी के सिंगल बैंच ने एक पद रिक्त रखने का आदेश दिया है. साथ ही शासन, लोक सेवा आयोग और सचिव गृह मंत्रलाय से भी जवाब मांगा है.

ये है पूरा मामला

बता दें कि लोक सेवा आयोग ने 2016 में विभिन्न पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था. इसमे याचिकाकर्ता चारुचित्र ने अनुसूचित जाति संवर्ग में इस परीक्षा में उप पुलिस अधीक्षक के आरक्षित पद में शामिल हुई. इसमे उसने लिखित और मेडिकल टेस्ट में भी सफलतापूर्वक पास हो गई थी. इसके बावजूद 2019 में एक नई लिस्ट जारी कर कहा गया कि 2016 की अवधि समाप्त हो गई है.

इससे परेशान याचिकाकर्ता चारुचित्र ने अपने अधिवक्ता मतीन सिद्धिकी के माध्यम से हाईकोर्ट में सेवा याचिका दायर किया. अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत कर कहा कि इसमे याचिकाकर्ता ने हर नियम में उत्तीर्ण होकर इस पद के लिए योग्यता रखती है. इसके अलावा जो 2016 के वैधता समाप्ति की बात कही जा रही है उसमे याचिकाकर्ता की कही भी त्रुटि नहीं है. उस हिसाब से भी वो इस पद के लिए पात्र है. सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने लोकसेवा आयोग को आदेश दिया कि उप पुलिस अधीक्षक का एक पद रिक्त रखा जाए. साथ ही हाईकोर्ट ने शासन, लोकसेवा आयोग और सचिव गृह मंत्रालय से इस मामले में जवाब मांगा है.

 

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Tags: Bilaspur district, Bilaspur news, Chhattisgarh news, High court

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