Home /News /chhattisgarh /

रेल बजट: छत्‍तीसगढ़ को मिलेगा 'प्रभु' का आशीर्वाद?

रेल बजट: छत्‍तीसगढ़ को मिलेगा 'प्रभु' का आशीर्वाद?

हर बार की तरह इस बार भी बिलासपुर जोन को रेल मंत्री सुरेश प्रभु से बहुत उम्मीद है.

हर बार की तरह इस बार भी बिलासपुर जोन को रेल मंत्री सुरेश प्रभु से बहुत उम्मीद है.

हर बार की तरह इस बार भी बिलासपुर जोन को रेल मंत्री सुरेश प्रभु से बहुत उम्मीद है.

हर बार की तरह इस बार भी दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे (बिलासपुर जोन) को रेल मंत्री सुरेश प्रभु से बहुत उम्मीद है.

पिछले बज़टों की बात करें तो छत्तीसगढ़ को अबतक उतना नहीं मिला, जितनी जरूरत छत्तीसगढ़ को है. लिहाजा हर बार बिलासपुर जोन रेल बज़ट के नजदीक आते ही अपनी जरूरतों के फेहरिस्त को रेल मंत्री तक पहुंचा तो देता है, लेकिन अबतक बिलासपुर जोन को कुछ खास नहीं मिला और हर बार छत्तीसगढ़ छला नजर ही आता है.

बिलासपुर जोन की बात करें तो देश के 17 रेलवे जोन में बिलासपुर एकमात्र सर्वाधिक आय देने वाला जोन है. लेकिन इस कमाऊ पूत को अबतक न्याय नहीं मिला है. अभी भी ट्रेनों के विस्तार, नई ट्रेनों के परिचालन, यात्री सुविधा में बढ़ोत्तरी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी बिलासपुर जोन तरस रहा है.

बिलासपुर जोन में बहुप्रतीक्षित बिलासपुर से मुंगेली रेलवे लाइन बनाने का काम अंग्रेज जमाने से खटाई में पड़ा है. अब तक सिर्फ बातें ही हुई लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं किया गया.

इसके अलावा न्यायधानी बिलासपुर और राजधानी रायपुर के बीच हर दो घंटे में फास्ट ट्रेन चलाने की मांग भी पहले की जा चुकी है, लेकिन अबतक इसे पूरा नहीं किया गया.

इसके अलावा, बज़ट विशेषज्ञों की माने तो हावड़ा के लिए भी दुर्ग या रायपुर से कोई सीधी ट्रेन नहीं है जिससे बंगाल और छत्‍तीसगढ़ की जनता को बहुत हद तक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. साथ ही मुंबई के लिए भी बिलासपुर से अबतक कोई सीधी ट्रेन नहीं दी गई है.

रायपुर-पुरी एक्सप्रेस को बिलासपुर तक विस्तार करने की मांग भी पुरानी है जो अबतक पूरा नहीं हो सका है. बज़ट विशेषज्ञ पुरानी लंबित प्रस्तावों पर भी नाराजगी व्यक्त करते हैं.

पिछले बजट में बिलासपुर में मेडिकल कॉलेज, रेलवे नीर कारखाना बनाने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल होता दिख नहीं रहा है. बात अगर यात्रियों के बुनियादी सुविधाओं की करें तो बिलासपुर जोन में इन सुविधाओं का भी अभाव अकसर देखने को मिलता है.

चाहे स्टेशन में साफ पानी की बात करें या फिर जरूरत के अन्य सामान की यात्री अक्सर इन सुविधाओं से महरूम नजर आते हैं और उन्हें खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

कहना नहीं होगा कि रेल बज़ट आने से पहले ही किराए में भारीभरकम बृद्धि की घोषणा के बाद से ही वर्तमान सरकार को देश में जगह-जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है. विशेषज्ञों की माने तो एकसाथ इतनी बृद्धि कहीं से भी उचित नहीं है, यदि किराया बढ़ाना जरूरी भी है तो इसे किश्तों में बढ़ाना चाहिए.

बहरहाल किराए में इजाफे की शुरुआती झटके के बाद भी हरबार की भांति बिलासपुर जोन रेल मंत्री जी से बेहतर बज़ट की उम्मीद करता है. कम से कम एक ऐसे संतुलित बज़ट की तो जरूर जिसमें आम आदमी के जरूरतों का ध्यान में रखा गया हो ताकि उनकी अधिकाधिक मांगे पूरी हो सके.

Tags: Chhattisgarh news

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर