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ट्रेनों में चोरों की करतूत की RPF जवानों को मिली 'सजा', 50 से ज्यादा का कटा वेतन

बिलासपुर रेल मंडल में पदस्थ्य सुरक्षा बल के जवानों को चोरों व लूटेरों की करतूत की सजा मिली है. (प्रतीकात्मक फोटो)

बिलासपुर रेल मंडल में पदस्थ्य सुरक्षा बल के जवानों को चोरों व लूटेरों की करतूत की सजा मिली है. (प्रतीकात्मक फोटो)

बिलासपुर रेल मंडल (Bilaspur Railway Division) में पदस्थ रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ (RPF) के एक अधिकारी ने न्यूज 18 को बताया कि सांकेतिक सजा के तौर पर वेतन काटने की कार्रवाई की गई है.

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    बिलासपुर.छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर रेल मंडल (Bilaspur Railway Division) में पदस्थ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों को चोरों और लूटेरों की करतूत की सजा मिली है. ट्रेनों में स्कॉट ड्यूटी कर रहे इन जवानों को उनकी चूक के कारण सजा दी गई है. इस मामले में 50 से ज्यादा जवानों का वेतन काट (Deducted Salary) लिया गया है. ट्रेनों (Train) और रेलवे स्टेशन परिसर में पर्स चोरी, चेन स्‍नेचिंग, बैग चोरी या अन्य वारदात की शिकायत दर्ज किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है. पिछले छह महीनों में हुई वारदात को भी कार्रवाई का आधार बनाया गया है. बता दें कि घटना की प्रवृत्ति के आधार पर वेतन कटौती का प्रावधान किया गया है.

    बिलासपुर रेल मंडल (Bilaspur Railway Division) में पदस्थ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक अधिकारी ने न्यूज 18 को बताया कि सांकेतिक सजा के तौर पर कार्रवाई की गई है, ताकि ड्यूटी के प्रति जवान सजग रहें. ड्यूटी के दौरान उनके कार्यक्षेत्र में हुई वारदात के आधार पर किसी का एक तो किसी का एक दिन से अधिक का वेतन काटा गया है. अधिकारी ने बताया कि जवानों को गश्त के दौरान चुस्त, दुरुस्त और चौकन्ना रखने के लिए यह कवायद की जा रही है.

    अपील भी कर सकते हैं जवान
    आरपीएफ के अधिकारी ने बताया कि रेलवे प्लेटफार्म पर या ट्रेन में जिनकी ड्यूटी है, वे चौकन्ने रहें इसलिए वेतन काटने का प्रावधान किया गया है. अप्रैल 2019 से अब तक 50 से अधिक जवानों के वेतन में कटौती की गई है. ऐसे जवानों को कार्रवाई के खिलाफ अपील करने का मौका दिया जाता है. अपील पर मामले की फिर से जांच की जाती है. जांच में संबंधित जवान के निर्दोष होने की स्थिति में कार्रवाई का आदेश वापस ले लिया जाता है.

    संवेदनशील है यह इलाका
    बता दें कि बिलासपुर से कटनी और बिलासपुर से झारसुगड़ा सेक्शन में बिलासपुर डिवीजन से आरपीएफ के जवान रात में ट्रेनों में सुरक्षा देते हैं. इन दोनों रूट में अनूपपुर से कटनी तक का सेक्शन संवेदनशील माना जाता है. इस क्षेत्र में ट्रेनों में लूट और चोरी की वारदात अधिक होती हैं. ट्रेनों में चोरी या लूट की शिकायत के बाद वहां ड्यूटी कर रहे जवानों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है.

    ये फायदा भी दिया गया
    रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी ने बताया कि बिलासपुर मंडल में पदस्थ जवानों की ​बेहतरी के लिए भी लगातार काम किया जा रहा है. इसके तहत अलग-अलग विभागों से साल 2006 से रुके टीए और डीए के बिल को पास कराया जा रहा है. करीब 200 जवानों का सवा करोड़ का भत्‍ता अटका हुआ है, जिसे पास कराने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है. जवानों को इसका लाभ मिलेगा.

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