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व्यापमं को फिर से जारी करनी पड़ सकती है इस परीक्षा की मेरिट लिस्ट, HC ने दिए ये आदेश

व्यापमं को फिर से जारी करनी पड़ सकती है इस परीक्षा की मेरिट लिस्ट, HC ने दिए ये आदेश

हाई कोर्ट ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापमं को सब इंजीनियर परीक्षा के डिलीट किए गए 10 सवालों का एक्सपर्ट कमेटी गठन का दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं.

हाई कोर्ट ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापमं को सब इंजीनियर परीक्षा के डिलीट किए गए 10 सवालों का एक्सपर्ट कमेटी गठन का दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं.

व्यापमं (Vyapam) को सब इंजीनियर परीक्षा (Test) के डिलीट किए गए 10 सवालों का एक्सपर्ट कमेटी गठन का दोबारा जांच करने के आदेश हाई कोर्ट (High Court) ने दिए हैं.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर हाई कोर्ट (High Court) ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापमं (Vyapam) को सब इंजीनियर परीक्षा (Test) के डिलीट किए गए 10 सवालों का एक्सपर्ट कमेटी गठन का दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं. सवालों के जवाब बदलने की स्थिति में व्यापमं को दोबारा मेरिट लिस्ट बनानी पड़ सकती है. व्यापमं ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में सब इंजीनियर (Sub Engineer) के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए दिसंबर 2018 में विज्ञापन जारी किया था. अलग-अलग विभागों में करीब 122 पदों पर संयुक्त परीक्षा के माध्यम से भर्ती होनी थी.

बता दें कि 3 फरवरी 2019 को ली गई लिखित परीक्षा (Written Exam) में 150 वैकल्पिक प्रश्न पूछे गए. मॉडल आंसर जारी कर व्यापमं ने परीक्षार्थियों से दावा-आपत्ति मंगाई. सैकड़ों परीक्षार्थियों ने कई सवालों के जवाबों पर आपत्ति करते हुए सही जवाब के दस्तावेजों के साथ व्यापमं को आवेदन भेजे. अविचल तिवारी सहित अन्य ने कुछ सवालों पर अपनी आपत्ति जताते हुए पत्र लिखा. साथ ही जवाब की पुष्टि के लिए प्रामाणिक दस्तावेज भी भेजे. व्यापमं ने दावा-आपत्ति का निराकरण करने के बाद फाइनल आंसर शीट जारी की तो 10 सवाल डिलीट कर दिए गए थे. इस आधार पर मेरिट लिस्ट भी जारी कर दी गई.

..तो हाई कोर्ट पहुंचा मामला
प्रश्नों को डिलीट करने को अनुचित बताते हुए अविचल तिवारी ने एडवोकेट अनूप मजुमदार के माध्यम से हाई कोर्ट बिलासपुर में याचिका लगाई. इसमें कहा गया है कि सवालों को डिलीट करने से सैकड़ों परीक्षार्थियों पर विपरीत असर पड़ेगा. साथ ही बताया गया कि मॉडल आंसर में दो सवालों के जवाब को सही माना गया था, लेकिन फाइनल आंसर शीट में उनको बदल दिया गया है. सुनवाई के बाद जस्टिस पी सैम कोशी की बेंच ने डिलीट किए गए सवालों के परीक्षण के लिए व्यापमं को एक्सपर्ट कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं. याचिकाकर्ता को कमेटी के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत करने की छूट दी गई है. साथ ही याचिका निराकृत कर दी गई है.

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Tags: Bilaspur news, Chhattisgarh news, Court

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