अजीत जोगी चर्चाओं में बने रहने के लिए जता रहे हैं प्रत्याशियों के खरीद-फरोख्त की आशंका!

छत्तीसगढ़ में 15 साल पहले 6 दिसंबर 2003 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की कोशिश की थी, लेकिन उस कोशिश में वो सफल नहीं हो पाये थे.

Surendra Singh | News18 Chhattisgarh
Updated: December 6, 2018, 4:52 PM IST
Surendra Singh | News18 Chhattisgarh
Updated: December 6, 2018, 4:52 PM IST
छत्तीसगढ़ में वोटिंग के बाद भी सियासी सरगर्मी तेज है. कांग्रेस के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने विधायक प्रत्याशियों के खरीद-फरोख्त की आशंका जताई है. छत्तीसगढ़ की राजनीतिक में प्रत्याशियों के खरीद फरोख्त की चर्चाएं होना कोई नया मामला नहीं है. इससे पहले भी सूबे की राजनीति में विधायकों की खरीद फरोख्त करने की कोशिशें राजनीतिक दल कर चुके हैं और एक बार फिर से सूबे की राजनीतिक हवो-हवा में खरीद-फरोख्त का घमासान शुरू हो गया है.

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सूबे में 15 साल पहले 6 दिसंबर 2003 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की कोशिश की थी, लेकिन उस कोशिश में वो सफल नहीं हो पाये थे. आखिर में वो अपने दल की सरकार बनाने में असफल हुए थे. 2018 चुनाव परिणाम आने से पहले एक बार फिर से अजीत जोगी ने सूबे की राजनीतिक हवा में विधायकों की खरीद फरोख्त का मुद्दा गरम कर दिया है.

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खरीद फरोख्त को लेकर सूबे में भाजपा इसे अजीत जोगी का सिर्फ सगूफा करार दे रही है. छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव का कहना है कि अजीत जोगी सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए ही ऐसी बातें कह रहे हैं. दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह का कहना है कि अजीत जोगी की पार्टी इस बार प्रदेश में खाता भी नहीं खोल सकेगी तो फिर खरीद फरोख्त की बात ही नहीं है.

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दूसरी तरफ साल 2003 में सरकार बनाने विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त का भंडाफोड़ करने वाले वीरेन्द्र पांडेय कहते हैं कि इस बार सूबे में विधायको की खरीद फरोख्त जैसा कुछ भी होने की आशंका नहीं है. वीरेन्द्र पांडेय का कहना है कि इस बार जिसकी भी सरकार बनेगी पूर्ण बहुमत में बनेगी. यदि त्रिशंकु की स्थिति भी होगी तो खुलकर समर्थन की स्थिति बनेगी. हालांकि सत्ता का ऊंट किस करवट बैठेगा. यह तो आने वाली 11 दिसंबर की तारीख को ही तय करेगी, लेकिन उससे पहले ही सूबे में विधायको की खरीद फरोख्त के मामले भी तूल पकड़ने शुरू हो गये हैं.
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