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छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: राजनीतिक दलों के लिए ये मुद्दे बने सत्ता की दहलीज का रास्ता

निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: December 8, 2018, 4:05 PM IST
छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: राजनीतिक दलों के लिए ये मुद्दे बने सत्ता की दहलीज का रास्ता
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छत्तीसगढ़ चुनाव में भाजपा ने 15 सालों के विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया. दूसरी ओर कांग्रेस ने विकास के दावों को फेल बताते हुए अपने मुद्दे जनता के सामने रखे.

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  • Last Updated: December 8, 2018, 4:05 PM IST
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छत्तीसगढ़ में दो चरणों 12 नवंबर को 18 और 20 नवंबर को 72 सीटों पर वोटिंग के जरिए जनता ने अपना फैसला दे दिया है. वोटिंग के बाद से ही राजनीतिक दल अपनी अपनी जीत हार के समीकरण लगाने में जुट गए. छत्तीसगढ़ के चौथे चुनाव में राजनीतिक दलों ने सत्ता की दहलीज पर पहुंचने के लिए कई मुद्दों को रास्ता बनाया. इसके लिए राजनीति दलों ने अपने दावों के साथ ही जनता की नब्ज टटोलने की कोशि भी की.

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छत्तीसगढ़ चुनाव में भाजपा ने 15 सालों के विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया. दूसरी ओर कांग्रेस ने विकास के दावों को फेल बताते हुए अपने मुद्दे जनता के सामने रखे. सभी दलों ने विरोधी दलों ने किसान, बेरोजगारी, महंगाई जैसे गंभीर मामलों को मुद्दा बनकार सरकार को घेरने की कोशिश की तो सत्ता पक्ष भाजपा ने खुद को किसान, गरीब, आदिवासियों का सबसे बड़ा हितैषी बताकर वोट मांगे. जानते हैं कि चुनाव प्रचार में कौन कौन से प्रमुख मुद्दे लेकर नेता जनता दरबार में पहुंचे.

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चुनाव प्रचार के दौरान ये मुद्दे रहे हावी

किसान- राज्य में एक बड़ा मतदाता वर्ग ऐसा है जो खेती से जुड़ा हुआ है. इनकी संख्या करीब 36 लाख है. यह वर्ग हार-जीत तय करने में अहम भूमिका निभाता हुआ आया है. इसलिए हर पार्टी के लिए किसानों की समस्या एक प्रमुख मुद्दा बना. भाजपा किसानों की आय को मुद्दा बनाते हुए इसे दोगुना करने का वादा किया. दो दूसरी ओर कांग्रेस ने कर्ज माफी का वादा कर बड़ा ट्रंप कार्ड खेल दिया.

विकास- विकास को मुद्दा बनाते हुए भाजपा सरकार का कहना है कि उसके शासनकाल के दौरान पार्टी ने कई ऐसे कार्य किए जो विकास के लिए जरूरी हैं. दूसरी ओर कांग्रेस ने इन दावों को फेल बताया और भाजपा द्वारा जनता को ठगने की बात कही.ये भी पढ़ें: Exit Poll 2018: एग्जिट पोल ने और उलझाया जीत का गणित!

नक्सलवाद- नक्सलवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों को रमन सिंह सरकार अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश किया. कांग्रेस ने दूसरी ओर भाजपा शासन काल में समस्या और बढ़ने की बात कही. गठबंधन ने भी इसको मुद्दा बनाया.

वनवासियों का मुद्दा- कांग्रेस वनवासियों की समस्याओं को मुद्दा बनाया. भाजपा ने इस वर्ग के लिए सबसे ज्यादा काम करने की बात कही.

बेरोजगारी- बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस राज्य के युवाओं के बीच गई. कांग्रेस का आरोप था कि राज्य सरकार की नीतियों की वजह से खेती में नुकसान हुआ है जिस कारण कई किसानों ने खेती छोड़ दी है और वे बेरोजगार हो गए हैं. भाजपा ने अपनी सरकार में सबसे ज्यादा रोजगार पैदा करने की बात कही.

मंहगाई और भ्रष्टाचार- मंहगाई को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमले किए. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस संसद से लेकर अपने चुनावी अभियान में तक लगातार रमन सिंह सरकार को घेरने की कोशिश की.

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First published: December 8, 2018, 3:59 PM IST
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