छ्त्तीसगढ़: निजीकरण की स्थिति में नगरनार इस्पात संयंत्र को खरीदेगी भूपेश सरकार, सदन में संकल्प पारित

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नगरनार इस्पात संयंत्र को लेकर आज एक अहम प्रस्ताव पारित किया गया है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नगरनार इस्पात संयंत्र को लेकर आज एक अहम प्रस्ताव पारित किया गया है.

छत्तीसगढ़ सरकार (Government of Chhattisgarh) ने विधानसभा (Assembly) में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया है. अगर नगरनार इस्पात संयंत्र (Nagarnar Steel Plant) का निजीकरण होता है तो छग सरकार उसे खरीदेगी और उसके संरक्षण करेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 28, 2020, 11:52 PM IST
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रायपुर. एनएमडीसी (NDMC) के नगरनार इस्पात संयंत्र का अगर निजीकरण (Privatization) किया जाता है तो छत्तीसगढ़ सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र (Nagarnar Steel Plant) को खरीदेगी. छत्तीसगढ़ विधानसभा के आखरी दिन नगरनार में बनने वाले इस्पात संयंत्र के निजीकरण मामले पर सर्वसम्मति से शासकीय संकल्प पारित किया गया.

इस संकल्प को लेकर चर्चा के दौरान पक्ष-विपक्ष के बीच कुछ मुद्दों को लेकर बहस भी हुई, लेकिन आखिर में सर्वसम्मति से संकल्प पारित हो गया और सर्वसम्मति के लिए विपक्ष के आग्रह के बाद शासकीय प्रस्ताव के शब्दों में आशिंक बदलाव भी किये गए. दरअसल सदन में बस्तर में स्थित नगरनार इस्पात संयत्र का केन्द्र सरकार द्वारा विनिवेश के नाम पर प्रस्तावित निजीकरण की प्रक्रिया के विरोध में सरकार द्वारा शासकीय संकल्प लाया गया था. इस पर चर्चा के दौरान सदन के सदस्य अजय चंद्राकर और शिवरतन शर्मा ने चुनौती के अंदाज में कहा कि बालकों के डी इन्वेस्टमेंट के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने यह प्रस्ताव रखा था कि बालको का शेयर छत्तीसगढ़ सरकार करेगी.

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आज यह भविष्य के गर्त में है कि नगरनार को लेकर क्या होगा लेकिन, जब भी फैसला होगा राज्य सरकार ये साहस दिखाए कि छत्तीसगढ़ सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र चलाएगी. विपक्ष द्वारा लगातार इस बात पर जोर दिया जा रहा था कि यदि ऐसा है तो क्या छत्तीसगढ़ सरकार इसे खरीदेगी. जिसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे तुरंत स्वीकार करते हुए कहा कि ठीक है. छत्तीसगढ़ सरकार इसे खरीदने के लिए तैयार है. लेकिन, विपक्ष प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार करेंगे.
इसके जवाब में अजय चंद्राकर ने कहा, कि बिल्कुल सर्वसम्मति देंगे लेकिन, प्रस्ताव के शब्द बदलिए. उसमें दर्ज करिए कि यदि डिसइंवेस्टमेंट होता है तो छत्तीसगढ़ सरकार इसे खरीदेगी. इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदस्य अजय चंद्राकर के द्वारा किए आग्रह को स्वीकारते हुए इन शब्दों में प्रस्ताव दिया. इसके बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा में ये प्रस्ताव सर्व सम्मति से पास हो गया, जिसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में महत्वपूर्ण घटना बताया है.

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