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असम व‍िधानसभा चुनाव में 'छत्तीसगढ़ मॉडल' को हथियार बनाएंगी कांग्रेस, जानें इसकी हर ड‍िटेल

मुख्यमंत्री भूपेश ने कहा कि इससे दूरस्थ क्षेत्रों के जिलों में टीकाकरण में आसानी होगी.  (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री भूपेश ने कहा कि इससे दूरस्थ क्षेत्रों के जिलों में टीकाकरण में आसानी होगी. (फाइल फोटो)

Assam Legislative Assembly Elections: कांग्रेस आलाकमान ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर इसलिए भरोसा जताया है, क्योंकि बतौर पीसीसी चीफ भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में 15 सालों तक जमी बीजेपी की सरकार को ना केवल उखाड़ फेंका था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 5, 2021, 11:29 AM IST
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असम विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आते जा रही है वैसे वैसे चुनावी जंग तेज होते जा रहा है. अब असम चुनाव का जिक्र छत्तीसगढ़ में इसलिए क्योंकि कांग्रेस आलाकमान ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का सीनियर ऑब्जर्वर बनाकर चुनावी रणनीति तय करने की बड़ी जिम्मेदारी दी है. साथ ही छत्तीसगढ़ के संसदीय सचिव और पूर्व में राहुल गांधी की कोर टीम में शामिल रहे विकास उपाध्याय को प्रभारी सचिव बनाकर असम में रहने वाले छत्तीसगढ़ के लाखों लोगों को ना केवल साधने की जिम्मेदारी दी गई है, बल्कि छत्तीसगढ़ मॉडल की तर्ज पर ही असम में किलेबंदी करने की भी आजादी दी गई है. आलाकमान से मिले निर्देश के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपनी लंबी चौड़ी टीम के साथ लगातार असम में डटे हुए हैं. मुख्यमंत्री के तीनों सहालकार, कैबिनेट के मंत्री, संगठन के नेता सहित सैकड़ों कार्यकर्ता लगातार असम में कांग्रेस के लिए किलेबंदी में जुटे हुए हैं.

भूपेश पर भरोसा क्यों:-
कांग्रेस आलाकमान ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर इसलिए भरोसा जताया है, क्योंकि बतौर पीसीसी चीफ भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में 15 सालों तक जमी बीजेपी की सरकार को ना केवल उखाड़ फेंका था. इतना ही नहीं सटीक रणनीति के दम पर अजीत जोगी जैसे फैक्टर के बाद भी पीसीसी को पुनर्जीवित किया था, तेज तर्रार छवि, बेहतर मैनेजमेंट के दम पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस 90 में से 70 विधानसभा सीट जीतने में कामयाब हुई थी, जबकि मिशन 65 प्लस बीजेपी ने तैयार किया था.

जब छत्तीसगढ़ का कंट्रोल रूम पहुंचा असम:-
छत्तीसगढ़ में साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने कंट्रोल रूम सेटअप के साथ एक नया कॉन्सेप्ट लॉन्‍च किया था, जिसमें अलग-अलग विधानसभा सीटों की मॉनिटरिंग, चुनावी सहायता, कानूनी जानकारी देने के लिए अलग-अलग नेताओं और विशेषज्ञों को जिम्मेदारी दी गई थी, जिन्हें जिम्मेदारी दी गई थी वे ना केवल चुनावी प्रचार, मतदान बल्कि मतगणना तक अपनी जिम्मेदारियों के साथ डटे रहे. अब असम कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कंट्रोल रूम को सेटअप एडॉप्ट किया है, जिसके संचालन की जिम्मेदारी भी छत्तीसगढ़ के नेताओं को ही दी गई है.



असम में 500 प्लस लोगों की टीम है तैनात: आरपी सिंह
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सबसे करीबी नेताओं में शामिल आरपी सिंह ने न्यूज़ 18 से चर्चा करते हुए जानकारी दी कि आलाकमान के निर्देश पर असम में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की 500 प्लस की टीम तैनात है, जो तमाम चुनावी हलचल पर नजर रखते हुए कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं.

बीजेपी ने 25 नेताओं को दी 19 विधानसभा सीट की जिम्‍मेदारी
छत्तीसगढ़ कांग्रेस असम में भले ही चुनावी किलेबंदी में जुटी हो, लेकिन छत्तीसगढ़ बीजेपी भी इसमें सेंध लगाने की तैयारी कर चुकी हैं. असम के 19 विधानसभा सीटों के लिए छत्तीसगढ़ बीजेपी के 25 नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है, जो 8 मार्च तक असम में तैनात हो जाएंगे और छत्तीसगढ़ कांग्रेस की किलेबंदी को भेदने के मूल मंत्र के साथ असम बीजेपी का सहयोग करेंगे.
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