दंतेवाड़ा उपचुनाव: आदिवासी बाहुल्य इस सीट पर हर पार्टी का दखल, जीत दोहराना चाहेगी BJP
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दंतेवाड़ा उपचुनाव: आदिवासी बाहुल्य इस सीट पर हर पार्टी का दखल, जीत दोहराना चाहेगी BJP
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के चित्रकोट विधानसभा उपचुनाव में मतगणना की जिम्मेदारी पूरी तरह से महिलाओं पर रहेगी.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर संभाग की दंतेवाड़ा (Dantewada) विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव (By-Election) का बिगुल बज चुका है.

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दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर संभाग की दंतेवाड़ा (Dantewada) विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव (By-Election) का बिगुल बज चुका है. उपचुनाव में कांग्रेस ने पुरानी प्रत्याशी देवती कर्मा (Devati Karma) को ही फिर से मैदान में उतारा है. वहीं बीजेपी (BJP) ने दिवंगत विधायक भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी मंडावी को प्रत्याशी बनाया है. उपचुनाव के मैदान में बीजेपी और कांग्रेस के साथ ही सीपीआई, जोगी कांग्रेस और बसपा समेत अन्य दलों ने भी अपने प्रत्याशी उतारे हैं. बसपा ने तो इस सीट से अपने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत पोयाम पर दांव खेला है. विधानसभा चुनाव 2018 में बीजेपी को इस सीट पर जीत मिली थी. फिर से बीजेपी इस सीट पर जीत की उम्मीद कर रही है.

दंतेवाड़ा (Dantewada) विधानसभा सीट के चुनावी इतिहास को देखें तो साल 1980 से अब तक हुए नौ चुनावों में पांच बार कांग्रेस (Congress), तीन बार सीपीआई और दो बार बीजेपी यहां से जीत दर्ज कर चुकी है. सीपीआई चार बार दूसरे नंबर पर रही है. बसपा इस सीट से अब तक केवल तीन बार चुनाव लड़ी है. इस सीट पर बीते नौ विधानसभा चुनावों में तीन बार जीत दर्ज करने के साथ सीपीआई चार बार दूसरे नंबर की पार्टी रही, लेकिन पार्टी की यह कहानी छत्तीसगढ़ राज्य बनने के पहले की है. राज्य बनने के बाद से हुए चार चुनावों में सीपीआइ का वोट शेयर लगातार घट रहा है.

..तो मिलकर लड़े थे चुनाव
बता दें कि विधानसभा चुनाव 2018 में बसपा और जोगी कांग्रेस ने मिलकर लड़ा था. दंतेवाड़ा सीट बसपा के खाते में गई थी. पार्टी के प्रत्याशी ने करीब पांच फीसद से अधिक वोट हासिल किया था, जबकि इसके पहले के दोनों चुनाव में जब बसपा का वोट शेयर तीन फीसद से कम था. उप चुनाव की जंग में फिर दोनों पार्टियां अलग-अलग हैं. ऐसे में वोट शेयर पर इसका असर पड़ सकता है.
इनके बीच सीधा मुकाबला


उपचुनाव में एनसीपी के अजय नाग, बीजेपी की ओजस्वी भीमा मंडावी, कांग्रेस की देवती कर्मा, सीपीआई के भीमसेन मंडावी, जोगी कांग्रेस के सुजित कर्मा, बसपा के हेमंत पोयाम, आप के बल्लू राम भवानी, जीजीपी के योगेश मरकाम और और सुदरू राम कुंजाम निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं.

नोटा की अहम भूमिका
बता दें कि छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में नोटा का प्रयोग साल 2013 से शुरू हुआ है. आदिवासी आरक्षित सीट दंतेवाड़ा में उस वर्ष 9673 वोटरों ने नोटा का प्रयोग किया, जो कुल मतदान का 8.93 फीसद था. इसके बाद विधानसभा चुनाव 2018 में कुल 9929 वोटरों ने नोटा का उपयोग किया, जो कुल मतदान का 8.74 फीसद रहा. दोनों बार नोटा चौथे नंबर पर रहा.

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