दंतेवाड़ा: पुलिस का दावा- नक्सलियों की इस करतूत से आदिवासियों पर आर्थिक संकट!

वनांचल क्षेत्रों में नक्सली मीटिंग लेकर आदिवासी ग्रामीणों पर वनोपज ज्यादा दाम पर बेचने के लिए दबाव बना रहे हैं.
वनांचल क्षेत्रों में नक्सली मीटिंग लेकर आदिवासी ग्रामीणों पर वनोपज ज्यादा दाम पर बेचने के लिए दबाव बना रहे हैं.

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की पुलिस ने दावा किया है कि नक्सलियों की करतूत के कारण जिले के ग्रामीण आदिवासियों पर आर्थिक संकट आ गया है.

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दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की पुलिस ने दावा किया है कि नक्सलियों की करतूत के कारण जिले के ग्रामीण आदिवासियों पर आर्थिक संकट आ गया है. वनांचल क्षेत्रों में नक्सली मीटिंग लेकर आदिवासी ग्रामीणों पर वनोपज ज्यादा दाम पर बेचने के लिए दबाव बना रहे हैं. इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. क्योंकि शासन अब वन विभाग के माध्यम से महिला स्वसहायता समूह से वनोपज, जिसमें इमली, महुआ, तेंदूपत्ता को ग्रामीणों से फिक्स रेट में खरीदी कर रही है, जिसका विरोध नक्सली कर रहे हैं.

पुलिस का दावा है कि नक्सली पहले वनोपज लेने वाले ठेकेदारों से अवैध वसूली करते थे, लेकिन अब सरकार द्वारा सीधे वनोपज लेने के कारण उनकी अवैध उगाही बंद हो गई है, जिससे नक्सली बौखला गए हैं और ग्रामीणों पर तय दर से अधिक दाम पर वनोपज बेचने का दबाव बना रहे हैं. दंतेवाडा एस पी डॉ अभिषेक पल्लव ने इस बात की पुष्टि करते बताया कि नक्सलियों की इस करतूत की वजह से ग्रामीणों की वित्तीय हालात को खतरा हो जाएगा.

आय का मुख्य स्रोत
एसपी डॉ. पल्लव के मुताबिक वनोपज बेचने ग्रामीणों को नक्सली मना कर रहे हैं.
ग्रामीण अंचल के ग्रामीणों की मुख्य आय का स्रोत वनोपज ही है. ग्रामीण वनोपज की बिक्री कर अपनी जरूरी सामानों की खरीदी करते है. अब वनोपज की बिक्री नहीं हो सकेगी तो ग्रामीणों की आर्थिक हालात खराब होगी. नक्सली व्यापारियों के माध्यम से वनोपज बेचने के लिए ग्रामीणों पर दबाव बना रहे हैं. व्यापारियों को ग्रामीण वनोपज बेचेंगे तो नक्सलियों को व्यापारियों से मोटी रकम मिलेगी जो अभी नहीं मिल पा रही, जिसकी वजह से नक्सलियों का विरोध जारी है. पुलिस के मुताबिक तेंदूपत्ता अब शासन ही क्रय कर रही है. पहले ठेकेदारों के माध्यम से होता था. नक्सलियों ग्रामीणों पर तेंदूपत्ता के एवज में 100, 200, 500 रुपये प्रत्येक परिवार से लेने का फरमान जारी किया है.



गावों में कर रहे मीटिंग
अभिषेक पल्लव ने बताया कि कोरोना संकट से देश गुजर रहा है और ऐसे समय मे भी नक्सली अपनी कायराना करतूतों से बाज नही आ रहे हैं. नक्सली मीटिंग आयोजित कर रहे हैं. कोरोना के भय से ग्रामीण मीटिंग में नहीं जा रहे तो उनके साथ मारपीट की जा रही है. सड़क खोद रहे हैं. एम्बुलेंस मरीजो को लेने नहीं पहुच पा रही है. नक्सली ग्रामीणों का राशन भी लूट रहे हैं.

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