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दंतेवाड़ा: पुलिस कॉंस्टेबल करता था नक्सलियों के लिए काम, बड़ी नक्स्ली साजिश का खुलासा

Abdul Hameed Siddique | News18 Chhattisgarh
Updated: October 10, 2018, 12:01 PM IST
दंतेवाड़ा: पुलिस कॉंस्टेबल करता था नक्सलियों के लिए काम, बड़ी नक्स्ली साजिश का खुलासा
मीडिया से चर्चा करते दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव. फाइल फोटो.

छत्तीसगढ़ में पहली बार खाकी वर्दी पहनने वाला नक्सली पकड़ा गया है. दंतेवाड़ा पुलिस ने नक्सलियों की एक बड़ी सजिश को फेल करने का दावा किया है.

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छत्तीसगढ़ में पहली बार खाकी वर्दी पहनने वाला नक्सली पकड़ा गया है. दंतेवाड़ा पुलिस ने नक्सलियों की एक बड़ी सजिश को फेल करने का दावा किया है. दंतेवाड़ा के सीएफ कैंप से दो एसएलआर व 70 राउंड जिंदा कारतूस भी आरोपी के निशानदेही पर बरामद किए गए हैं. दंतेवाड़ा के गीदम थाना क्षेत्र के कासौली में स्थित सीएफ कैंप के एक आरक्षक ने आधिकारियों की पिछले 48 घंटे से नींद उड़ा रखी थी. एक दर्जन से अधिक जवानों से पूछताछ के बाद एक आरक्षक का नाम सामने आया है.

दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि आरक्षक का नाम राजू कुजूर है. आरक्षक से कड़ाई से पूछताछ करने पर नक्सलियों की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. आरोपी राजू ने पुलिस को बताया कि नक्सली लीडरों से एसएलआर का सौदा हुआ था. एक की कीमत वे ढाई लाख रुपए दे रहे थे. दो को बेचने पर पांच लाख रुपए मिलना था. ये दोनों हथियार वहां तक नहीं ले जा सका. इस बीच पुलिस अधिकारियों को इसकी भनक​ लग गई और वे जांच में जुट गए.

दरअसल सीएफ कैंप से दो एसएलआर चोरी हो गई थी. चोरी की जांच में पुलिस को अहम जानकारी हाथ लगी. आरोपी आरक्षक राजू की निशानदेही पर चोरी हुई दोनों एसएलआर को बरामद कर लिया गया है. साथ ही 70 राउंड जिंदा कारतूस और चार मेगजीन भी बरामद कर लिए गए हैं. पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव ने प्रेसवार्ता के दौरान बीते मंगलवार की शाम को घटना की जानकारी दी.

एसपी अभिषेक पल्लव के मुताबिक बीते 6 अक्टूबर की रात को आरोपी राजू कुजूर कैंप परिसर में चोरी से दाखिल हुआ. एसएलआर को चोरी करने के लिए आरोपी ने 15 दिन की छुट्टी ले रखी थी. उसने सो रहे आरक्षक राजेंद्र प्रसाद और दया शंकर रजक के हथयारों को पार किया. कैंप से फरार होने के बाद वे भैरमगढ़ के उड़सा गांव पहुंचा. वहां एक महुआ पेड़ के नीचे हथियार व राउंड को छुपा दिया. पुलिस को इस पर शक इसलिए पुख्ता हुआ. क्योंकि आरोपी छुट्टी के दौरान भी कैंप के इर्द गिर्द चक्कर काटता था.

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आरोपी के मोबाइल फोन नंबर को सर्विलांस पर रखा गया तो पता चला कि नक्सलियों के कई बड़े नेताओं स उसकी बातचीत होती थी. पुलिस अधिकारियों ने आरक्षक के दोस्त बेट्टी नेताम से भी पूछताछ की है. उसकी निशान देही पर पूरे मामले का खुलासा हो सका. पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास से कैंप का मिला ब्लू प्रिंट भी मिला है. आरोपी नक्सलियों के साथ मिलकर पूरे कैंप पर हमला करने की साजिश रच रहे थे. साथ ही नक्सली हथियार लूटना चाहते थे.

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First published: October 10, 2018, 12:01 PM IST
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