• Home
  • »
  • News
  • »
  • chhattisgarh
  • »
  • यहां पुलिस और 'नक्सली' मिलकर कर रहे एक्टिंग, जानिए क्यों?

यहां पुलिस और 'नक्सली' मिलकर कर रहे एक्टिंग, जानिए क्यों?

छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. (File Photo)

छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. (File Photo)

छत्तीसगढ़ के घाेर नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा में पुलिस और 'नक्सली' मिलकर एक्टिंग कर रहे हैं.

  • Share this:
छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों की हकीकत को युवाओं और खासकर आदिवासियों को बताने के लिए पुलिस एक शॉर्ट ​फिल्म बना रही है. इस फिल्म में पुलिस के जवान और सरेंडर करने वाले नक्सली अभिनय कर रहे हैं. इस फिल्म के लेखक और गीतकार पुलिस अफसर हैं.

दरअसल छात्रों और युवाओं को नक्सलियों की हकीकत बताने के लिए दंतेवाड़ा पुलिस एक शॉर्ट फिल्म बना रही है. खास बात ये है कि इस फिल्म के लेखक और गीतकार दंतेवाड़ा में ही पदस्थ एएसपी सूरज सिंह परिहार हैं और कलाकार भी पुलिस के ही 100 जवान हैं. फिल्म का नाम ‘नई सुबह का सूरज’ रखा गया है.

सांकेतिक फोटो,


नक्सल की सच्ची घटनाओं का फिल्मांकन
इस फिल्म में नक्सलवाद की सच्ची घटनाओं का फिल्मांकन करने का दावा किया गया है. करीब 10 मिनट की इस शॉर्ट-फिल्म की शूटिंग के लिए भिलाई, रायपुर से जवानों की एक टीम दंतेवाड़ा पहुंची है. दंतेवाड़ा जिला पुलिस बल और डीआरजी के जवानों के अलावा फिल्म में सरेंडर कैडर के नक्सली भी अभिनय करते नजर आएंगे. फिल्म में एसपी का रोल भी खुद दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ही अदा कर रहे हैं. शूटिंग की शुरुआत कारली के घने जंगल से हो रही है. इसके अलावा दंतेवाड़ा की अलग-अलग लोकेशंस में भी शूटिंग होगी.

सिर्फ एक कलाकार बाहरी
नक्सलियों के सबसे बड़े नेता गणपति, हिड़मा व हुंगी मुख्य किरदार हैं. गणपति के रोल को प्ले करने भिलाई के कलाकार को बुलाया गया है. क्योंकि, नक्सलियों के बड़े लीडर्स दंतेवाड़ा के बाहर के होते हैं, ऐसे में इस किरदार के लिए बाहर के कलाकार को चुना गया. इस फिल्म को नक्सल प्रभावित इलाकों के स्कूलों और गांवों में प्रमुखता से प्रदर्शित करने की तैयारी की जा रही है.

फाइल फोटो,


ऐसी होगी फिल्म की कहानी

मिली जानकारी के मुताबि फिल्म की कहानी की शुरुआत में एक सरेंडर महिला नक्सली एसपी के पास बच्चे को लेकर पहुंचती है. कहती है- सर, मेरा बच्चा अब 3 साल का हो गया है, इसे स्कूल भेजना चाहती हूं. एसपी कहते हैं- तुम्हारा सूरज, हमारे लिए ‘नई सुबह का सूरज’ जैसा है, इसके लिए मैंने पास के स्कूल में बात कर ली है कोई समस्या नहीं है. ऐसी ही 8-10 कहानियों के दृश्य होंगे. एएसपी सूरज ने बताया यहां आने के बाद नक्सलवाद, ग्रामीणों व सरेंडर नक्सलियों के दर्द को समझ कहानी के रूप में लिख रहे हैं. एएसपी सूरज को राष्ट्रपति से बालश्री सम्मान भी मिल चुका है.

ये भी पढ़ें: 
जशपुर में दंतैल हाथी का आतंक, हमला कर महिला को किया घायल 

पुलिस कस्टडी में मौत को बीजेपी ने बताया हत्या, जांच रिपोर्ट में खड़े किए कई सवाल 

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज